गवर्नमेंट स्कूल में दाखिले को लेकर अभिभावकों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
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शहर के सरकारी स्कूलों में 11वीं में दाखिले के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। शिक्षा विभाग कई वर्षों से सेंट्रलाइज्ड तरीके से एडमिशन करता रहा है। 10वीं बोर्ड रिजल्ट के बाद 39 गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में 11वीं की 12,500 सीटों पर दाखिला दिया है। विभाग के पुराने पैटर्न के खिलाफ कुछ अभिभावकों ने सवाल उठाए हैं। अभिभावकों की मांग है कि 10वीं करने वाले स्टूडेंट को उसी स्कूल में पहले 11वीं में दाखिले का हक मिले।
जानकारी के अनुसार कुछ अभिभावकों ने शिक्षा विभाग को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देकर पहले से सरकारी स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थी को 11वीं में दाखिला देने की मांग की है। अभिभावकों के इस प्रस्ताव को लेकर शिक्षा विभाग ने डिप्टी डायरेक्टर स्कूल, जिला शिक्षा अधिकारी सहित 4-5 सदस्यों की कमेटी गठित की है। कमेटी पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में मंथन करेगी। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग जुलाई में 11वीं क्लास के लिए सेंट्रलाइज्ड काउंसिलिंग करता है।
प्राइवेट स्कूलों में 11वीं की पढ़ाई शुरू, सरकारी में जुलाई से
शहर के लगभग सभी प्राइवेट स्कूलों ने10वीं रिजल्ट आने से पहले ही 11वीं की कक्षाएं शुरू कर दी हैं। प्राइवेट स्कूलों ने प्री बोर्ड की मेरिट के आधार पर विद्यार्थियों को प्रोविजनल एडमिशन दे दिया है, लेकिन सरकारी में 10 जुलाई के बाद ही पढ़ाई शुरू होगी। सरकारी स्कूलों में 11वीं की पढ़ाई देर से शुरू होने के कारण काफी स्टूडेंट को प्राइवेट स्कूलों में मोटी फीस देकर दाखिला लेेना पड़ता है। उधर हरियाणा के सरकारी स्कूलों में इस साल अप्रैल से ही 11वीं में प्रोविजनल दाखिले देकर पढ़ाई शुरू कर दी गई है। सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले अभिभावक भी इस तरह की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 10वीं बोर्ड रिजल्ट से पहले कक्षाएं शुरू नहीं की जा सकतीं।