सहारा समूह की दो कंपनियों ने बाज़ार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। दोनों कंपनियों का कहना है कि सेबी द्वारा उनसे 62602 करोड़ रुपए की मांग करना अवमानना ही नहीं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को शरारतीपूर्ण तरीके से असफल करने का प्रयास भी है।
करीब 10 दिन पहले सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय और सहारा समूह की दो कंपनियां सहारा इंडिया रियल इस्टेट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसआईआरईसीएल) एवं सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एसएचआईसीएल) रकम जमा करने के अदालती आदेशों का लगातार उल्लंघन कर रही हैं। सेबी ने सहारा समूह की दो कंपनियों को पूर्व अदालती आदेश के अनुसार 62602 करो? रुपए जमा करने का निर्देश देने की गुहार लगाई थी।
अब सहारा ग्रुप समूह की इन दोनों कंपनियों ने सेबी के खिलाफ याचिका दायर कर कहा है कि सेबी द्वारा की गई मांग आठ फरवरी 2017 के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के खिलाफ है।
उस आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि फिलहाल मूल राशि की बात की जा रही है। तब शीर्ष अदालत ने कहा था कि ब्याज का निपटारा बाद में किया जाएगा। यह जानते हुए भी सेबी द्वारा उनसे रुपए की मांग करना न्यायालय की अवमानना है।
इन दोनों कंपनियों ने अपनी याचिका में सेबी, उसके चेयरमैन अजय त्यागी व दो अन्य को प्रतिवादी बनाते हुए उन पर शीर्ष अदालत के कई आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।