राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (एनसीडीआरसी) ने दो खरीदारों को अपार्टमेंट का कब्जा देने में विफल रहने पर रियल एस्टेट कंपनी यूनीटेक को 53 लाख रुपये से अधिक की रकम वापस करने को कहा है।
उपभोक्ता मामलों के सर्वोच्च निकाय ने कंपनी से तीन माह के भीतर 53,73,561 रुपये वापस करने के साथ-साथ देरी के लिए दस फीसदी सालाना की दर से साधारण ब्याज भी देने को कहा है। इस मामले में गुडगांव निवासी अभिषेक और मणि अग्रवाल ने एक अपार्टमेंट के कब्जे में सात साल की देरी के लेकर याचिका दायर की थी।
आयोग के पीठासीन सदस्य न्यायमूर्ति वीके जैन ने आदेश सुनाते हुये कहा, ‘ याचिकाकर्ताओं को पूरी मूलधन राशि 53,73,561 को मुआवजे के साथ वापस किया जाये और इस पर सालाना दस फीसदी साधारण ब्याज भी लागू होगा एवं यह उस तारीख तक देय होगा जब तक पूरे धन की वापसी होगी।’’
अदालत ने यूनीटेक को मुकदमे पर आये खर्च के लिए उपभोक्ता को 25 हजार रुपये भी देने का आदेश सुनाया।