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दिल्ली-एनसीआर समेत देश के सात प्रमुख शहरों में 13 फीसदी बढ़ी मकानों की बिक्री

Wed, 05 Jun 2019 07:41 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला

सार

  • सीबीआरई ने जारी किए मार्च तिमाही में बिके मकानों के आंकड़े 
  • 33,000 मकानों की बिक्री हुई 2019 की मार्च तिमाही में
  • 11 फीसदी की तेजी रही नई परियोजनाओं के लांच में
  • नोटबंदी, जीएसटी और रेरा जैसे नीतिगत सुधारों से रियल एस्टेट में आई तेजी
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विस्तार
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देश के सात प्रमुख शहरों में वित्त वर्ष 2019-20 की जनवरी-मार्च तिमाही में मकानों की बिक्री 13 फीसदी बढ़कर 33,000 इकाई से अधिक पहुंच गई है। संपत्ति सलाहकार कंपनी सीबीआरई ने कहा कि मकानों की बिक्री में वृद्धि से रियल एस्टेट बाजार में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।

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एक साल पहले की समान अवधि में इन शहरों में मकानों की मांग 29,000 से अधिक इकाई रही थी। सर्वे करने कंपनी ने सात शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलूरू, हैदराबाद और पुणे के रियल एस्टेट क्षेत्र का आकलन किया है।  

सर्वे में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में नई मकानों की आपूर्ति बढ़कर 33,000 इकाई पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 25,700 इकाई रही थी। मुंबई, चेन्नई, बंगलूरू और दिल्ली-एनसीआर में नए मकानों की पेशकश और मांग सबसे ज्यादा 70-75 फीसदी रही। 

नई परियोजनाओं की लांच में तेजी

सीबीआरई ने कहा कि स्थिर कीमतों के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार देखने को मिली है। इस कारण मिड-एंड सेगमेंट में सक्रियता बढ़ गई। इसके बाद सस्ती और उच्च लागत वाली परियोजनाएं शुरू हुईं। इसके अलावा नोटबंदी, जीएसटी और रेरा कानून जैसे प्रमुख नीतिगत सुधारों के कारण रियल एस्टेट क्षेत्र में तेजी आई।

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इन नीतिगत सुधारों के सकारात्मक प्रभावों के कारण नई परियोजनाएं के लांच और बिक्री में वित्त वर्ष 2018-19 की समान तिमाही के मुकाबले क्रमश: 11 फीसदी और 19 फीसदी की तेजी देखने को मिली। 

मेट्रो शहरों में दिखा सुधार 

सीबीआरई इंडिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य एशिया एवं अफ्रीका के चेयरमैन एवं सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में बहुप्रतिक्षित विकास अब दिखने लगा है। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और बंगलूरू जैसे मेट्रो शहरों में सुधार दिख रहा है।

बिल्डर अब उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिल्डरों में नई परियोजनाएं शुरू करने को लेकर रुचि दिख रही है। वे पहले से चल रही परियोजनाओं को पूरा करने और मौजूदा इंवेंट्री को बेचने पर जोर दे रहे हैं। 

बिल्डर की पड़ताल के बाद निवेश

सर्वे में कहा गया है कि पिछली तिमाही के मुकाबले इस तिमाही में मांग बढ़ने के कारण बिना बिके मकानों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। वहीं, अंशुमान ने कहा कि मकान खरीदने से पहले खरीदार बिल्डर की प्रोफाइल, परियोजना का विवरण, उसकी गुणवत्ता, निर्माण की गति और परियोजना को पूरा करने की क्षमता का आंकलन कर रहे हैं। इन्हीं बिंदुओं को ध्यान में रखकर वे आवासीय परियोजनाओं में निवेश कर रहे हैं।

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