राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए सबसे ज्यादा पसंदीदा निवेश विकल्प है। इस योजना को पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट की ओर से संचालित किया जाता है। यानी यह योजना सीधे तौर पर सरकार से जुड़ी योजना है। आपकी सेवानिवृत्ति के दौरान वित्तीय कमी से बचने के लिए, वित्तीय योजनाकार युवा पेशेवरों को इसमें निवेश की सलाह देते हैं। इस योजना के तहत आप प्रतिदिन 400 रुपये या हर महीने 12000 रुपये बचाकर, सेवानिवृत्ति पर 3 करोड़ रुपये और मासिक पेंशन 1 लाख रुपये प्राप्त कर सकते हैं।
गैर सरकारी कर्मचारियों के लिए लाभदायक
अक्सर यह देखा गया है कि वेतनभोगी व्यक्ति (ज्यादातर गैर-सरकारी कर्मचारी), जिन्हें अपने नियोक्ताओं से पेंशन नहीं मिलती है, अगर उनका सेवानिवृत्त जीवन 10-15 साल से आगे बढ़ जाता है, तो उन्हें वित्तीय कमी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि वे ज्यादातर अपनी मेहनत की कमाई को अपने रिटायरमेंट कॉर्पस की सुरक्षा के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में लगाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वे अपनी बचत को एनपीएस जैसी योजना में निवेश करके अपनी सेवानिवृत्ति के लिए एक बड़ा कोष जमा कर सकते हैं।
कहां कर सकते हैं इन्वेस्टमेंट
इस योजना में आपकी पर्सनल सेविंग्स पेंशन फंड में तब्दील की जाती है। पीएफआरडीए की तरफ से सरकारी बांड, बिल, कॉरपोरेट डिबेंचर और शेयरों में निवेश किया जाता है। इसके तहत आप जितना निवेश करते हैं, उस पर मिलने वाले रिटर्न पर ही आपको सालों साल बढ़ोतरी मिलती है।
एनपीएस को इस तरह समझें
एनपीएस के नियमों के अनुसार, नेट एनपीएस मैच्योरिटी अमाउंट के कम से कम 40 फीसदी से एन्युटी खरीदना आवश्यक है। वहीं अगर कोई निवेशक इस लिमिट को बढ़ाना चाहता है तो बढ़ा भी सकता है। अगर कोई निवेशक इक्विटी-डेब्ट एक्सपोजर को 60:40 के अनुपात में रखते हुए 30 सालों तक अपने एनपीएस खाते में हर महीने 12,000 रुपये का निवेश करता है और शुद्ध एनपीएस मैच्योरिटी इनकम से 40 फीसदी एन्युटी खरीदता है, तो इसमें इन्वेस्ट पर 10 फीसदी रिटर्न मानते हुए उसे 1,64,11,142 रुपये लंप सम इनकम और 54,704 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
बढ़ती महंगाई के दौर में बेहतर निवेश
चूंकि भारत में मुद्रास्फीति ऐतिहासिक रूप से उच्च बनी हुई है, सेवानिवृत्त लोगों को उनके सावधि जमा निवेश से मिलने वाली ब्याज आय हर गुजरते साल के साथ कम होती जा रही है। वे अपने खर्चों को पूरा करने के लिए मूलधन से वापस लेने के लिए मजबूर हो रहे हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) एक ऐसा फासदेमंद साधन है, जो हर महीने कम राशि का निवेश करके सेवानिवृत्ति के लिए एक बड़ा कोष जमा करने में मदद कर सकता है। एनपीएस में निवेश करने से आपको जीवित रहने तक एक निश्चित मासिक पेंशन मिलेगी और सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त राशि भी मिलेगी।
60 फीसदी कर-मुक्त राशि निकालने की सुविधा
कर और निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन कहते हैं, एक ग्राहक एनपीएस से अपनी परिपक्वता राशि का अधिकतम 60 फीसदी कर-मुक्त एकमुश्त के रूप में निकाल सकता है और शेष राशि के साथ उसे जीवन बीमा कंपनी से एक वार्षिकी खरीदनी होगी। इसमें रिटायरमेंट की उम्र पर आपको खाते में जुटी रकम का कम से कम 40 फीसदी एन्युटी प्लान खरीदने में लगाना पड़ता है।
80सी के तहत आयकर छूट
बलवंत जैन के अनुसार, एनपीएस खाताधारक को धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपए तक और धारा 80 सीसीडी के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपए तक की आयकर छूट मिलती है। वैल्यू रिसर्च के मुताबिक, इक्विटी सेविंग फंड्स का पिछले 10 साल का सालाना रिटर्न 8 फीसदी से ज्यादा रहा है। अगर हम यह मान लें कि ये रिटर्न भविष्य में भी बने रहेंगे तो आपकी निवेश राशि बढ़ती रहेगी, भले ही आप एसडब्ल्यूपी (1.5 लाख * 12 रुपये) के माध्यम से सालाना 6 फीसदी कॉर्पस (3 करोड़ रुपये) निकाल लें। हाल ही में एनपीएस में प्रवेश की आयु को 18-65 से संशोधित कर 18-70 किया गया है।