धारा 80सीसीडी (1बी)
लोगों को बचत और निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के लिए धारा 80सीसीडी कुछ पेंशन योजनाओं में राहत प्रदान करती है। इस धारा के तहत करदाताओं को नेशनल पेंशन स्कीम में अधिकतम 50,000 रुपये की कटौती मिलती है। यानी धारा 80सी और धारा 80सीसीडी (1बी) में अधिकतम दो लाख रुपये की कटौती मिल सकती है।
धारा 80डी
इसके तहत हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए भुगतान किए गए प्रीमियम पर टैक्स कटौती के लिए क्लेम किया जा सकता है। करदाता खुद के लिए, जीवनसाथी के लिए, माता-पिता और आश्रित बच्चों के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम के लिए 25,000 रुपये की कटौती का क्लेम कर सकते हैं। वहीं अगर माता-पिता की उम्र 60 साल से अधिक है, तो दावे की सीमा 50,000 रुपये है।
धारा 80डीडी
धारा 80डीडी की मदद से करदाता पर अगर कोई दिव्यांग आश्रित हो (जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता, आदि) तो उनके इलाज में हुए खर्च पर टैक्स में छूट का दावा कर सकते हैं। इनके इलाज व पालन-पोषण के लिए 75,000 रुपये तक की कटौती का प्रावधान है, वहीं ग्भीर विकलांगता होने पर 1,25,000 रुपये तक की कटौती का प्रावधान है।
धारा 80डीडीबी
धारा 80डीडीबी में करदाताओं को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 40,000 रुपये तक की कटौती मिलती है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह आंकड़ा और भी ज्यादा है। वरिष्ठ नागरिकों के इलाज के लिए कटौती की सीमा एक लाख रुपये है।
धारा 80ई
धारा 80ई में करदाताओं को उच्च शिक्षा के लिए कर्ज पर चुकाए गए ब्याज पर कटौती का फायदा मिलता है। इसमें करदाताओं को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए कर्ज पर चुकाए गए ब्याज में भी कटौती का लाभ मिलता है।
धारा 80जीजी
जिन करदाताओं को घर का किराया भत्ता नहीं मिलता है, उनको भुगतान किए गए किराए पर इस कटौती का लाभ मिलता है। इसके तहत अधिकतम 60,000 रुपये की कटौती का प्रावधान है।