देश की सबसे बड़ी कार बनाने वाली कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को बताया कि दूसरी तिमाही में उसका शुद्ध लाभ 66 प्रतिशत घटकर 487 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 1420 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। दूसरी तिमाही में कुल वाहनों की बिक्री तीन प्रतिशत घटकर 3,79,541 इकाई रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 3,93,130 इकाई थी। कंपनी ने बताया कि समीक्षाधीन अवधि में सेमीकंडक्टर की कमी से विनिर्माण प्रभावित हुआ। इसके अलावा जिंस लागत बढ़ने से भी मारुति का मुनाफा प्रभावित हुआ। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान परिचालन से संचयी आय 20,551 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह 18,756 करोड़ रुपये थी।
सबसे अधिक निर्यात दूसरी तिमाही में
हालांकि, कंपनी के इतिहास में किसी भी तिमाही में अब तक का सबसे अधिक निर्यात दूसरी तिमाही में 59,408 इकाई रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 22,511 इकाई था। कंपनी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स घटक की कमी के कारण अनुमानित 1.16 लाख वाहनों का उत्पादन नहीं किया जा सका, जो ज्यादातर घरेलू मॉडल के अनुरूप हैं। मारुति सुजुकी इंडिया ने आगे कहा कि तिमाही के अंत में उसके पास 2 लाख से अधिक लंबित ग्राहक ऑर्डर थे, जिसके लिए वह डिलीवरी में तेजी लाने के लिए सभी प्रयास कर रही है। 30 सितंबर को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने कुल 7,33,155 यूनिट्स की बिक्री की, जिसमें घरेलू बिक्री 6,28,228 यूनिट रही। कंपनी ने कहा कि इस छमाही में निर्यात 1,04,927 इकाई रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 32,083 इकाई था।