साइरस मिस्त्री की टाटा संस के चेयरमैन पद पर फिर ताजपोशी का रास्ता साफ होने से भले ही टाटा समूह की कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का भरोसा अभी कायम है। उनका कहना है कि समूह की कंपनियों के शेयरों में अल्पावधि में अनिश्चितता दिख सकती है, लेकिन लंबी अवधि में काफी दम है। बाजार में तेजी के साथ समूह के अच्छे फंडामेंटल वाले शेयरों में भी तेजी आई है और यह रुझान आगे भी बना रहेगा।
अजय केडिया ने कहा कि टाटा संस इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी, इसलिए निवेशकों को कोर्ट के फैसले पर नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘निवेशकों को समूह की कंपनियों में अपना निवेश बनाए रखना चाहिए। निवेशक अच्छी कंपनियों में नया निवेश भी कर सकते हैं। हालांकि अगर कोर्ट का फैसला मिस्त्री के पक्ष में आता है तो जरूर कुछ चिंता बढ़ सकती है।’
हालांकि ऐसी कंपनियों पर असर पड़ सकता है, जिनमें टाटा समूह की हिस्सेदारी कम है या मतदान का अधिकार कम है। आसिफ इकबाल ने कहा कि ऐसी स्थिति में संस्थागत निवेशकों के लिए दोनों पक्षों को अपने फैसले मनवाने के लिए लॉबीइंग करनी पड़ सकती है। ऐसे में फैसले लेने में देरी हो सकती है।
मिस्त्री प्रकरण में टाटा समूह के खिलाफ फैसला आने के बावजूद निवेशकों का उससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर भरोसा कायम है। बृहस्पतिवार को लाल निशान में खुलने के बाद टाटा समूह की कंपनियों के शेयर 3 फीसदी तक मजबूत होकर बंद हुए। हालांकि शुरुआती कारोबार में समूह की ज्यादातर कंपनियों के शेयरों में दबाव बना रहा।
समूह की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टैंसी सर्विसेस (टीसीएस) के शेयर में लगभग 3 फीसदी और टाटा मोटर्स के शेयर में 2.50 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। टाटा पावर, टाटा ग्लोबल बेवरेजिस, टाटा स्टील, टाटा कम्युनिकेशंस, टाइटन में लगभग 1 फीसदी तक तेजी देखने को मिली। हालांकि इंडियन होटल कंपनी, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन, टाटा इलेक्सी के शेयरों में 2 फीसदी तक गिरावट रही।
शेयर बढ़त (फीसदी में)