लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के रिवाइवल की गुंजाइश कम लग रही है। जेट को संकट से उबारने के लिए कंपनी को बैंकों का कर्ज, कर्मचारियों की सैलरी और वेंडर और लीजिंग कंपनियों का बकाया चुकाना होगा, जो बेहद मुश्किल है।
इस संदर्भ में एयर इंडिया के पूर्व ईडी और एविएशन एक्सपर्ट जितेंद्र भार्गव ने बताया कि, 'जेट को बचाने के लिए नए प्रमोटर को तत्काल 10,000 करोड़ लगाने होंगे। इसके साथ ही बैंक को भी 8,500 करोड़ के कर्ज में से आधा कर्ज माफ करना होगा।' यदि कंपनी को कोई नया प्रमोटर मिल भी जाता है, तो भी रिवाइव करने में कम से कम तीन महीने लगेंगे। बता दें कि जेट को यात्रियों के 360 करोड़ रुपए लौटाने हैं।