जेरोधा (Zerodha) के सह-संस्थापक नितिन कामत के अनुसार, कई लोगों के नॉमिनी नहीं जोड़ने के कारण बैंक, डीमैट अकाउंट और अन्य खातों में 80,000 करोड़ रुपये से अधिक पैसे बिना क्लेम के हैं। यानी इसका कोई दावेदार नहीं है। इसकी वजह से डिस्काउंट ब्रोकिंग फर्म ने एक अलर्ट फीचर की शुरुआत की है। यह डीमैट खाते के एक्टिव नहीं होने पर नॉमिनी को इसकी सूचना देगा।
बिना क्लेम वाली राशि को कम करने के लिए अलर्ट फीचर की शुरुआत
इसकी जानकारी नितिन कामत ने ट्विटर के जरिए दी। उन्होंने कहा कि, 'उन्हें उम्मीद है कि बैंक और अन्य ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म भी जल्द इसी प्रकार के फीचर की शुरुआत करेंगे ताकि बिना क्लेम वाली राशि को कम किया जा सके।'
नॉमिनी को मिलेगी इसकी जानकारी
जेरोधा को ग्राहक अपने खाते में ऑनलाइन माध्यम से नॉमिनी को जोड़ सकते हैं या उसमें बदलाव भी कर सकते हैं। यदि किसी ग्राहक के डीमैट खाते में एक साल से उससे ज्यादा समय तक कोई एक्टिविटी नहीं होती, तो इसकी जानकारी नॉमिनी को एसएमएस या ईमेल के जरिए मिल जाएगी।
म्यूचुअल फंड कारोबार के लिए सेबी की मंजूरी
मालूम हो कि हाल ही में ब्रोकिंग कंपनी जेरोधा को संपत्ति प्रबंधन कंपनी की स्थापना के लिए बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिली थी। कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नितिन कामत ने कहा था कि, 'हमें एएमसी (एमएफ) लाइसेंस की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।' पिछले साल फरवरी में ही कंपनी ने म्यूचुअल फंड परिचालन शुरू करने को लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म है जेरोधा
जेरोधा एक डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म है, जो खुदरा और इंस्टीट्यूशनल दोनों ही तरह की ब्रोकिंग सेवाएं देती है। इसके अतिरिक्त यह म्यूचुअल फंड, कमोडिटी और बॉन्ड में निवेश की भी सुविधा देती है। इसकी स्थापना साल 2010 में हुई थी। जेरोधा काफी कम शुल्क में निवेशकों को शेयर खरीदने और बेचने की सुविधा देती है।ग्राहकों की संख्या के लिहाज से यह देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म है। इसका मुख्यालय बंगलूरू में है। महामारी के दौरान कंपनी का खुदरा आधार 20 लाख से 50 लाख बढ़ा है।