रियल एस्टेट क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ का चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ दोगुना होकर 414.72 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की जून तिमाही में उसे 172.77 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में उसकी आय गिरकर 1,540.95 करोड़ रुपये रह गई। वर्ष 2018-19 की इसी तिमाही में उसकी आय 1,657.67 करोड़ रुपये थी। कंपनी को तिमाही के दौरान 296.51 करोड़ रुपये की असाधारण आय हुई है, जिसने शुद्ध लाभ में वृद्धि में मदद की। डीएलएफ की जून तिमाही में शुद्ध बिक्री बुकिंग 705 करोड़ रुपये रही।
डीएलएफ ने बयान में कहा कि प्रवर्तकों ने पिछली तिमाही में कंपनी में 2,250 करोड़ रुपये की पूंजी डाली। यह वित्तपोषण की अंतिम किस्त है। इसमें कहा गया है कि प्रवर्तकों ने कंपनी में कुल 11,250 करोड़ रुपये की पूंजी डाली है। यह किसी भारतीय कंपनी में प्रवर्तकों की ओर से डाली गई सबसे अधिक पूंजी है। डीएलएफ ने अपनी बैलेंस शीट में सुधार की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
डीएलएफ का कहना है कि अब वह अपनी मजबूती बैलेंस सीट के साथ सभी पुरानी परियोजनाओं को पूरा करेगी। वह अपनी पूरी हो चुकी परियोजनाओं में फ्लैट, व्यावसायिक स्थलों को बेचने पर ध्यान देगी और वृद्धि के लिये भविष्य की परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाएगी। डीएलएफ की योजना वाणिज्यक और आवासीय क्षेत्र में 1.70 करोड़ वर्गफुट स्थान को विकसिल करने की है।