जी एंटरटेनमेंट इंटरप्राइजेज (जीईईएल) के सबसे बड़े शेयरधारक इंवेस्को ने बुधवार को कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज एक समय में जी को खरीदने की कोशिश की थी। उसने कहा कि दोनों कंपनियों के बीच उसने सौदा कराने की कोशिश की थी। इंवेस्को का यह बयान जीईईएल के प्रमुख पुनीत गोयनका द्वारा कंपनी के बोर्ड को इंवेस्को के एक प्रस्ताव की जानकारी देने के अगले दिन आया है। दरअसल, जीईईएल के प्रमुख पुनीत गोयनका ने बोर्ड को बताया था कि फरवरी 2021 में इंवेस्को ने एक बड़े भारतीय ग्रुप (स्ट्रेटजिक ग्रुप) की कुछ कंपनियों के साथ विलय का प्रस्ताव रखा था।
निवेशकों को होता करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान
गोयनका ने कहा था कि इस सौदे से कंपनी के निवेशकों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होता। हालांकि गोयनका ने रिलायंस के नाम का खुलासा नहीं किया था। वहीं, इंवेस्को ने कहा कि फरवरी में सौदे का जो प्रस्ताव था, उस पर रिलायंस, गोयनका और जी के प्रमोटरों के बीच बातचीत हुई थी। इंवेस्को ने कहा कि इसमें उसकी भूमिका सिर्फ सौदे को आगे बढ़ाने की थी।
रिलांयस ने कहा- इस वजह से टूटी डील
उधर, इंवेस्को के इस बयान के बाद रिलायंस ने बयान जारी कर कहा कि उसने कुछ महीने पहले जी एंटरटेनमेंट के साथ अपनी मीडिया संपत्तियों के विलय का प्रस्ताव रखा था लेकिन संस्थापकों की हिस्सेदारी को लेकर मतभेदों के कारण उसने इस प्रस्ताव को छोड़ दिया था।
इंवेस्को ने की थी सहायता
रिलायंस ने एक बयान में कहा, 'फरवरी/मार्च 2021 में इंवेस्को ने हमारे प्रतिनिधियों और जी एंटरटेनमेंट के प्रमुख पुनीत गोयनका के बीच सीधे चर्चा की व्यवस्था करने में रिलायंस की सहायता की थी।' उसने कहा, 'हमने जी एंटरटेनमेंट और अपनी सभी संपत्तियों के उचित मूल्यांकन पर जी के साथ अपनी मीडिया संपत्तियों के विलय के लिए एक व्यापक प्रस्ताव रखा था।'