आयात बिल का बोझ घटाने के लिए वाणिज्य मंत्रालय ने 102 वस्तुओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य बनाया है। वाणिज्य मंत्रालय ने संबंधित मंत्रालयों को कोकिंग कोल, मशीनरी, रसायन और डिजिटल कैमरा सहित अन्य वस्तुओं की सूची भेजकर कहा है कि इनका आयात लगातार बढ़ रहा है, जिससे सरकार खजाने पर भी बोझ बढ़ रहा है।
मंत्रालय के अधिकारी के अनुसार, 102 वस्तुओं की अप्रैल-अगस्त, 2021 में किए गए कुल आयात में 57.66 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसका विस्तृत अध्ययन कर घरेलू उत्पादन बढ़ाया जाएगा, जिससे आयात बिल में कटौती के साथ कीमतों को थामने में भी मदद मिलेगी।
मंत्रालय ने संबंधित विभागों को उत्पादन बढ़ाने के लिए हरसंभव मदद देने को कहा है। 102 में से 18 उत्पाद ऐसे हैं, जिनकी आयात वृद्धि दर सबसे ज्यादा है। इसमें सोना, पाम तेल, एकीकृत सर्किट, पर्सनल कंप्यूटर, यूरिया, रिफाइंड कॉपर, कैमरा, सूरजमुखी तेल आदि शामिल हैं।
12 मंत्रालयों को भेजी गई है सूची
वाणिज्य मंत्रालय ने 12 मंत्रालयों के साथ योजना को साझा किया है। इसमें उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, खनन, भारी उद्योग, फार्मा, स्टील, तेल एवं प्राकृतिक गैस, उर्वरक, दूरसंचार, शिपिंग, खाद्य प्रसंस्करण और कपड़ा मंत्रालय हैं। मंत्रालय ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्तूबर तक 331.29 अरब डॉलर का आयात हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि से 78.71 प्रतिशत ज्यादा है। कोविड पूर्व वित्तवर्ष में भीमहज 286.07 अरब डॉलर का आयात हुआ था।
आईटी-कारोबार सेवाओं का बाजार 6.96 अरब डॉलर
भारतीय आईटी और कारोबार सेवाओं का बाजार 2021 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत बढ़कर 6.96 अरब डॉलर पहुंच गया। रिसर्च फर्म आईडीसी ने बुधवार को कहा कि देश में उद्योगों के डिजिटल परिवर्तन पहल पर निरंतर जोर से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन सेवाओं के बाजार का 2020-25 के बीच सालाना 8.2 फीसदी दर (चक्रवृद्धि) से बढ़ने का अनुमान है। इससे इन सेवाओं का बाजार 2025 तक 19.93 अरब डॉलर पहुंच सकता है।