महाराष्ट्र का भगवा सुपर अनार हरियाणा के किसानों को भा गया है। प्रदेश के जीटी रोड बेल्ट के किसानों ने अनार की इसी किस्म की खेती करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार के पुणे शोध संस्थान में तैयार भगवा सुपर अनार में अनेक खूबियां हैं, जिसे देखते हुए प्रदेश के किसानों ने कंधारी अनार व अन्य स्थानीय किस्मों की खेती से तौबा करने का मन बना लिया है।
करनाल जिले के उचाना गांव के प्रगतिशील किसान नरेंद्र चौहान ने मार्च 2016 में पुणे से भगवा सुपर किस्म के पांच पौधे लाकर इसकी खेती शुरू की। पिछले साल से इनमें फल आना शुरू हुआ। इस बार पर्याप्त मात्रा में फल आया। इस अनार की खासियत यह है कि यह अंदर और बाहर से पूरी तरह लाल होता है। मिठास और रस भी भरपूर होता है। इसे खाने पर मुंह में बीज नहीं रहता। इसलिए बाजार में भगवा सुपर को खूब पसंद किया जा रहा है। दाम अच्छे मिलने शुरू हो गए हैं।
भगवा सुपर की पौध तैयार की
नरेंद्र को अगले सीजन में अनार के पौधों के पूरी तरह फलों से लदने की उम्मीद है। पहले साल तो चौहान ने फलों को बाजार में बेचा ही नहीं। इन फलों को उन किसानों या लोगों में बांट दिए जो उन्हें देखने आए थे। इससे प्रदेश के प्रगतिशील किसानों में भगवा सुपर की अच्छी ब्रांडिंग हो गई।
किसानों की मांग पर ही चौहान ने अपने फॉर्म में अनार की इस किस्म की पौध तैयार की है। उन्होंने लगभग 50 पौधे तैयार किए हैं। इनमें से वह 20 पौधे किसानों को बेचेंगे, जबकि 30 पौधे अपने फॉर्म में लगाएंगे। कंधारी व अनार की स्थानीय किस्मों के अनार को खाने पर मुंह में उनके बीज रह जाते हैं, जिसे फेंकना पड़ता है और बुजुर्ग इसे खा नहीं पाते। भगवा सुपर में यह दिक्कत नहीं है।
प्रदेश में गणेश किस्म हुई नाकाम
नरेंद्र चौहान ने बताया कि 1992 में वह पुणे शोध संस्थान से ही अनार की गणेश किस्म लाए थे। इसके भी उन्होंने पांच ही पेड़ लगाए, लेकिन यह किस्म कारगर साबित नहीं हुई। इस पर भी अगले साल फल आना शुरू हो गया, लेकिन अनार न बाहर से लाल हुआ न ही अंदर से। इसलिए ग्राहकों ने इसे नकार दिया।
सरकार किसानों को करेगी प्रोत्साहित
हरियाणा बागवानी विभाग के महानिदेशक अर्जुन सिंह सैनी का कहना है कि किसानों को सरकार पूरा प्रोत्साहन दे रही है। प्रगतिशील किसान नरेंद्र चौहान को भी विभागीय टूर पर ही पुणे शोध संस्थान ले जाया गया था। उन्होंने बीते कुछ सालों में बागवानी में बेहतरीन काम किया है, इसलिए सरकार उन्हें आगे भी प्रोत्साहित करेगी।