Sri Lanka: विक्रमसिंघे ने कहा कि 13 लाख राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवनयापन भत्ते की लागत 2024 से क्रमश: 10,000 रुपये और 3,000 रुपये बढ़ाई जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य के कर्मचारियों ने पिछले सप्ताह 20,000 रुपये वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया था।
श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को 2024 का बजट पेश करते हुए नकदी संकट से जूझ रहे द्वीपीय देश की अर्थव्यवस्था में पूरी तरह सुधार होने तक कड़े सुधारों की जरूरत पर जोर दिया। हालांकि श्रीलंका चल रहे आर्थिक संकट के बीच अपनी बेलगाम महंगाई को नियंत्रित करने में कामयाब रहा है, लेकिन इसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठीक होने से फिलहाल बहुत दूर है।
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विक्रमसिंघे ने कहा, 'हम पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में सफल रहे हैं। राष्ट्रपति विक्रमसिंघे जो वित्त मंत्री भी हैं ने कहा, "इसके बावजूद लोग परेशानी से गुजर रहे हैं।" विक्रमसिंघे ने कहा, ''मुद्रास्फीति जो सितंबर 2022 में 70 प्रतिशत थी, उसे इस साल अक्टूबर में घटाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि द्वीपीय देश को एक और दिवालियापन से बचाने के लिए कड़े सुधार जरूरी हैं। राज्य के बैंकों को राज्य उद्यमों के नुकसान को निधि देने के लिए बनाया गया था। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि दो राज्य बैंकों के शेयर जनता और निवेशकों को जारी किए जाएंगे, जबकि सरकार उनकी स्थिरता बनाए रखने के लिए राज्य के बैंकों में नकदी डालेगी।
विक्रमसिंघे ने कहा कि 13 लाख राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के जीवनयापन भत्ते की लागत 2024 से क्रमश: 10,000 रुपये और 3,000 रुपये बढ़ाई जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब राज्य के कर्मचारियों ने पिछले सप्ताह 20,000 रुपये वेतन वृद्धि की मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि सरकार अब राज्य के खर्च के लिए पैसे नहीं छाप सकती है या बाहरी उधार नहीं ले सकती है।
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विक्रमसिंघे ने भारत के साथ त्रिंकोमाली तेल टैंक कृषि विकास जैसी निवेश परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिए राजनीतिक ट्रेड यूनियन को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का एक विशेष कार्यबल भारत के साथ पूरे त्रिंकोमाली जिले के विकास को देखेगा।
राजस्व में कमी को रेखांकित करते हुए विक्रमसिंघे ने कहा कि राज्य में मासिक व्यय घाटा 168 अरब रुपये बना हुआ है और सरकार को कर्ज के ब्याज के रूप में 220 अरब रुपये का भुगतान करना है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की 2.9 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की पहली समीक्षा में राजस्व में कमी का उल्लेख किया गया था। बजट भाषण में इस बात का कोई जिक्र नहीं किया गया कि आईएमएफ के चार साल के बेलआउट पैकेज की दूसरी किस्त कब आएगी। विक्रमसिंघे ने कहा कि यह बजट 2024 का चुनावी बजट नहीं है क्योंकि कोई लोकप्रिय घोषणा नहीं की गई है। श्रीलंका में अगला राष्ट्रपति चुनाव 2024 के मध्य सितंबर तक हो सकता है। इसे नवंबर के अंत से पहले आयोजित किया जाना है।