Congress: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि हम सेबी की ओर से अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद करते हैं, और हमें उम्मीद है कि यह चुनाव की तारीख से आगे बढ़ने के लिए एक और समय विस्तार की मांग नहीं करेगा।
कांग्रेस ने बुधवार को उम्मीद जताई कि अदाणी समूह द्वारा शेयरों में कथित हेरफेर के आरोपों की जांच का जिम्मा संभाल रहा सेबी उच्चतम न्यायालय में अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए और समय सीमा आगे बढ़ाने की मांग नहीं करेगा ताकि चुनाव की तारीखें निकल जाएं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय प्रतिभूति व विनिमय बोर्ड (सेबी) को दूसरा एसबीआई नहीं बनना चाहिए, जिसने सच बताने में आनाकानी की।
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एक्स पर एक पोस्ट में, रमेश ने कहा कि हिंडनबर्ग रिसर्च ने पिछले साल अदाणी समूह पर स्टॉक हेरफेर और प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए थे। अदाणी समूह ने आरोपों को झूठ बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि वह सभी कानूनों और प्रकटीकरण आवश्यकताओं का अनुपालन करता है।
रमेश ने कहा, "सेबी को 14 अगस्त, 2023 तक इन आरोपों पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का काम सौंपा गया था। बार-बार एक्सटेंशन की मांग करने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को आज, 3 अप्रैल, 2024 तक का समय दिया। उन्होंने पोस्ट में कहा, "हम सेबी की ओर से आज अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद करते हैं, और हमें उम्मीद है कि यह चुनाव की तारीख से आगे बढ़ने के लिए एक और विस्तार की मांग नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा, "सेबी को एक और एसबीआई नहीं बनना चाहिए, और सच कहने से नहीं डरना चाहिए।"
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रमेश ने यह भी कहा, "सेबी की जांच सीमित है- केवल एक जेपीसी ही घोटाले को उजागर कर सकती है, जैसा कि फरवरी-अप्रैल 2023 के बीच हम अदानी के हैं कौन (एचएएचके) शृंखला द्वारा 100 प्रश्न पीएम से पूछे थे।" उन्होंने कहा, "सिर्फ 3 महीने और और जेपीसी एक वास्तविकता बन जाएगी।" सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से शुरू होंगे। कांग्रेस ने अदाणी मुद्दे पर सरकार से कई सवाल पूछे हैं, रमेश ने आरोप लगाया है कि कि यह एक 'घोटाला' है, उसका जवाब मांगा जा रहा है।