निवेशक जल्द ही शेयरों की तरह सोने में भी कारोबार कर सकेंगे। बाजार नियामक सेबी के बोर्ड ने मंगलवार को देश का पहला गोल्ड एक्सचेंज बनाने की अनुमति दे दी है। यह कारोबार इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रसीद (ईजीआर) के जरिये होगा, जिसे निवेशक अपनी मर्जी से सोेने में बदल सकेंगे।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन अजय त्यागी ने बताया कि इजीआर को प्रतिभूति की श्रेणी में रखा जाएगा। इसमें कारोबार, क्लीयरिंग और सेटलमेंट की अनुमति होगी। ईजीआर का कारोबार मौजूदा एक्सचेंज और नए बनने वाले एक्सचेंज दोनों पर होगा।
हालांकि, मौजूदा एक्सचेंज को इसे अलग सेग्मेंट में जारी करना होगा। ईजीआर के कारोबार का मूल्य निर्धारण और इसे सोने में परिवर्तित करने का फैसला सेबी की अनुमति से ही होगा। गोल्ड एक्सचेंज न सिर्फ कारोबार का ढांचा तैयार करेगा, बल्कि फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी का तंत्र भी विकसित करेगा। इसका प्रबंधन करने वाली एएमसी को कम से कम 50 करोड़ का वॉल्ट तैयार करना होगा।
सोेने का देशव्यापी मूल्य निर्धारित होगा
त्यागी ने बताया कि गोल्ड एक्सचेंज देशभर में इजीआर के खरीद-फरोख्त का राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म होगा। इससे सोने का मानक निर्धारित करने के साथ उसकी देशव्यापी कीमत पर तय की जा सकेगी।
इतना ही नहीं सोेने की गुणवत्ता और पारदर्शी निवेश सुनिश्चित होगा और निवेशकों को बेहतर पूंजी तलरता का लाभ मिलेगा। यानी, वे जब चाहें अपने ईजीआर को फिजिकल गोल्ड में बदलवा सकेंगे। इस तरह बिना किसी जोखिम के सोने में निवेश का पूरा लाभ मिलेगा। इसका प्रबंधन करने वाले वॉल्ट मैनेजर सेबी के मध्यस्थ के तौर पर पंजीकृत होंगे।