भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कहा कि दूसरे चरण के सरकारी प्रतिभूति अधिग्रहण कार्यक्रम (जी-सैप 2.0) के तहत 20 हजार करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की पहली खरीद आठ जुलाई को की जाएगी। मालूम हो कि रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने चार जून को घोषणा की थी कि बाजार को समर्थन देने के जी-सैप 2.0 कार्यक्रम के तहत 2021-22 की दूसरी तिमाही में 1.2 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार से खरीद करेगा।
पांच सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा आरबीआई
आरबीआई आठ जुलाई को बहु-प्रतिभूति नीलामी के जरिए विभिन्न परिपक्वता वाली पांच सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करेगा। इसके लिए बहुआयामी मूल्य प्रणाली को अपनाया जाएगा। आरबीआई ने कहा कि अलग-अलग प्रतिभूतियों की खरीद मात्रा के बारे में तय करने का अधिकार उसके पास आरक्षित होगा। कुल राशि के मुकाबले कम अथवा अधिक प्रतिभूतियों की खरीद का भी उसके पास अधिकार आरक्षित होगा। राशि को पूर्णांक में रखने के लिये ऐसा किया जा सकता है। नीलामी प्रक्रिया का परिणाम उसी दिन घोषित कर दिया जाएगा। जी-सैप 2.0 के तहत 20,000 करोड़ रुपये की इससे अगली खरीद 22 जुलाई को होगी।
जी-सैप 1.0 के तहत 17 जून को हुई थी 40 हजार करोड़ की खरीद
इससे पहले आरबीआई ने सरकारी प्रतिभूतियों के अधिग्रहण कार्यक्रम (जी-सैप 1.0) के तहत 40,000 करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खुले बाजार में खरीद की तीसरे चरण की घोषणा की थी। यह खरीद परिचालन 17 जून को हुआ । उल्लेखनीय है कि आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अप्रैल में कहा था कि आरबीआई जी-सैप 1.0 के तहत वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में एक लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद खुले बाजार के जरिए परिचालित करेगा। इस प्रकार की 25,000 करोड़ रुपये की पहली नीलामी 15 अप्रैल और दूसरी 20 मई को 35,000 करोड़ रुपये की हुई थी।