फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MPC on GDP: एमपीसी की बैठक के दौरान जीडीपी के अनुमानों में भी नहीं किया गया कोई बदलाव, 6.5% पर अपरिवर्तित

Fri, 06 Oct 2023 04:02 PM IST
कुमार विवेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

MPC on GDP: आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक के बाद अपने संबोधन के दौरान कहा, "जोखिम समान रूप से संतुलित होने के बीच वास्तविक जीडीपी या वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान है, दूसरी तिमाही में इसके 6.5%, तीसरी तिमाही में 6% और चौथी तिमाही में 5.7% रहने का अनुमान है।"
विज्ञापन
जीडीपी ग्रोथ रेट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय रिजर्व बैंक की एमपीसी ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जीडीपी के अनुमान को 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा है।  भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने शुक्रवार को कहा कि उसे उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर उसकी पिछली भविष्यवाणियों के अनुरूप 6.5% ही रहेगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत दुनिया का नया ग्रोथ इंजन बनने की ओर अग्रसर है। कौटिल्य के अर्थशास्त्र का जिक्र करते हुए दास ने कहा कि वृहद आर्थिक स्थिरता और समावेशी विकास देश की प्रगति के मूलभूत सिद्धांत हैं। द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा, "हाल के वर्षों में कई और अप्रत्याशित झटकों के बीच हमने जो नीतिगत मिश्रण अपनाया है, उससे वृहद आर्थिक और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा मिला है।"  

विज्ञापन


जीडीपी पर ये बोले आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने एमपीसी की बैठक के बाद अपने संबोधन के दौरान कहा, "जोखिम समान रूप से संतुलित होने के बीच वास्तविक जीडीपी या वृद्धि दर 6.5% रहने का अनुमान है, दूसरी तिमाही में इसके 6.5%, तीसरी तिमाही में 6% और चौथी तिमाही में 5.7% रहने का अनुमान है।" वित्त वर्ष 24 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8% बढ़ी, जबकि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में 13.1% की वृद्धि दर देखी गई थी।

खुदरा महंगाई दर के अनुमान को भी अपरिवर्तित रखा गया
द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति की बैठक में इस बार मुद्रास्फीति की लड़ाई पर जोर रहा। अक्टूबर के एमपीसी के फैसले का एलान करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि 2023-24 के लिए सीपीआई मुद्रास्फीति के अनुमान को 5.4 प्रतिशत पर अपरिवर्तित छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन


विश्व बैंक ने भी जीडीपी के पूर्वानुमान को 6.3% पर रखा बरकरार
दास ने यह भी उल्लेख किया कि तीसरी तिमाही के दौरान, खाद्य मुद्रास्फीति के दबाव के कारण महंगाई में निरंतर कमी नहीं देखी जा सकती है, जबकि कोर सीपीआई जनवरी में अपने शिखर से 140 आधार अंक कम हो गया है। इस सप्ताह की शुरुआत में, विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2024 के लिए भारत के जीडीपी के पूर्वानुमान को 6.3% पर अपरिवर्तित रखा था, जो निवेश से प्रेरित है, जबकि अपने मुद्रास्फीति अनुमान को 5.2% से 5.9% तक संशोधित किया है।

मूडीज ने बढ़ाया था वृद्धि दर का अनुमान
वैश्विक रेटिंग और शोध एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने सितंबर में 2023 में भारत की वृद्धि दर का अनुमान 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया था। मौद्रिक नीति समिति की अगस्त की बैठक में भी वित्त वर्ष 2024 के लिए जीडीपी अनुमान को जून में घोषित 6.5% पर बरकरार रखा गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें