भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से उन दस व्यक्तियों के खातों के बारे में सरकार को जानकारी देने को कहा है, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय ने आतंकवादी घोषित कर दिया था।
बता दें कि गृह मंत्रालय ने चार अक्टूबर को यूएपीए के तहत हिजबुल मुजाहिदीन (एचएम), लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और अन्य प्रतिबंधित संगठनों के कुल दस सदस्यों को आतंकवादी घोषित करार दे दिया था।
सरकार ने जिन लोगों को आतंकवादी घोषित किया है उनमें हबीबुल्लाह मलिक उर्फ साजिद जट्ट (एक पाकिस्तानी नागरिक), बासित अहमद रेशी (जम्मू-कश्मीर के बारामूला का निवासी और इस समय पाकिस्तान में है), इम्तियाज अहमद कंडू उर्फ सज्जाद, (जम्मू-कश्मीर के सोपोर का निवासी और इस समय पाकिस्तान में है), जफर इकबाल उर्फ सलीम (पुंछ का निवासी और इस समय पाकिस्तान में है) और शेख जमील-उर-रहमान उर्फ शेख साहब (पुलवामा का निवासी) शामिल हैं।
आरबीआई की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया है कि ‘‘विनियमित इकाइयों (आरई) को आवश्यक अनुपालन के तहत केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी उपरोक्त अधिसूचनाओं को संज्ञान में लेने की सलाह दी जाती है।’’
इन आरई में बैंक, अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान (एक्जिम बैंक, नाबार्ड, एनएचबी, सिडबी और एनएबीएफआईडी) और एनबीएफसी शामिल हैं।
तीन नवंबर को होगी एमपीसी की बैठक
भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को कहा कि उसके रेट सेटिंग पैनल, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की एक अतिरिक्त बैठक 3 नवंबर को होने वाली है। केंद्रीय बैंक के अनुसार भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अधिनियम 1934 की धारा 45ZN के प्रावधानों के तहत, 27 जून 2016 की राजपत्र अधिसूचना S.O.2215 (E) और 31 मार्च, 2021 के S.O.1422 (E) और विनियमन 7 के अनुसार आरबीआई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) और मौद्रिक नीति प्रक्रिया नियमन, 2016 के तहत एमपीसी की एक अतिरिक्त बैठक 3 नवंबर, 2022 को निर्धारित की गई है।