मोदी राज में अर्थव्यवस्था।
- फोटो : अमर उजाला
4. डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ कमजोर
महंगाई के पीछे डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा में आ रही गिरावट का बड़ा योगदान है। मंगलवार 22 मई को रुपया डॉलर के मुकाबले टूटकर 77.59 के निचले स्तर तक पहुंच गया। बीते दिनों रुपये ने डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निम्न स्तर को छुआ था और 77.70 तक टूट गया था। वहीं बात करें मोदी के सत्ता संभालने से पहले की, तो 24 मई 2014 को डॉलर के मुकाबले रुपया 58.39 के स्तर पर था।
5. विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी
मई 2014 में देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 312 अरब डॉलर के करीब था, जो कि लगातार बढ़ते हुए 600 अरब डॉलर के पार निकल गया। हालांकि बीते कुछ सप्ताह में इसमें लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है और यह 13 मई को समाप्त हुए सप्ताह में लगभग 593 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है। बीते आठ साल में यह पहली बार 600 अरब डॉलर के नीचे आया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पहले छह वर्ष के कार्यकाल में विदेशी मुद्रा भंडार में लगभग 155 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी।
6. सेंसेक्स में आया जबरदस्त उछाल
बीते आठ साल में भारतीय शेयर बाजार ने भी नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मोदी के सत्ता संभालने से पहले बीएसई का सेंसेक्स 24-25 हजार के दायरे में नजर आता था, जो मोदी राज में 60 हजार का आंकड़ा पार करने में कामयाब हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स सूचकांक 19 अक्तूबर, 2021 को 62,245.43 के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, मंगलवार को 54,053 के स्तर पर बंद हुआ। आंकड़ों को देखें तो मोदी कार्यकाल में बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स 22 मई 2022 को लगभग 118 प्रतिशत तक बढ़कर 54,053 के स्तर पर पहुंच गया, जो 26 मई 2014 को 24,716 के स्तर पर था।
7. पेट्रोल-डीजल की कीमतें बड़ा मुद्दा
मई 2014 में देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 71.41 रुपये प्रति लीटर थी, जो कि 24 मई को 96.72 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुकी है, जबकि सरकार ने हाल ही में पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कटौती कर जनता को राहत दी है। डीजल की बात करें तो मई 2014 में 55.49 रुपये प्रति लीटर की दर से बिकता था, जो अब 89.62 रुपये प्रति लीटर हो चुका है।
8. प्रति व्यक्ति आय करीब दोगुना हुई
प्रति व्यक्ति आय के स्तर पर देखें तो बीते आठ साल में यह तेजी से बढ़ी है। मोदी सरकार जब सत्ता में आई उस वक्त प्रति व्यक्ति सालाना आय 79 हजार रुपये थी, जो अब 1.50 लाख रुपये हो चुकी है।