नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयर ट्रैफिक बढ़ाने के उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की है। उन्होंने आग्रह करते हुए कहा कि राज्य एक बार फिर जेट ईंधन (ATF) पर वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) कम करें। इस कदम से एयर ट्रैफिक को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
कोरोना के प्रभाव से उबर रहा एविएशन क्षेत्र
सिविल एविएशन का क्षेत्र कोरोना महामारी से बुरी तरह प्रभावित रहा है। लेकिन अब देश में बढ़ती टीकाकरण की रफ्तार और कोरोना के मामलों में कमी के बाद धीरे-धीरे यह क्षेत्र वापसी की राह पर लौट रहा है और एयर ट्रैफिक कोरोना-पूर्व के स्तर के करीब पहुंच रहा है।
ईंधन की कीमतों में उछाल जारी
ईंधन की कीमतों में हाल के महीनों में काफी उछाल आया है, जेट ईंधन भी इसमें शामिल है। हालांकि, अभी कुछ राज्यों ने अपने यहां जेट ईंधन से वैट कम किया है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इन राज्यों की सराहना करते हुए कहा है कि ईंधन कर में कमी करने के बाद एयर ट्रैफिक गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस दिशा में कदम आगे बढ़ाना होगा।
वैट घटाने से ये होगा फायदा
जेट ईंधन एक विमान परिचालन का एक बड़ा हिस्सा होता है। ATF पर वैल्यू ऐडेड टैक्स (VAT) को कम करने से कॉस्ट में कमी आएगी, जिसका सीधा प्रभाव एयर ट्रैफिक पर भी पड़ेगा। नागर विमानन मंत्री ने सिविल एविएशन क्षेत्र को मजबूत देने के लिए सभी हितधारकों के सहयोग और समर्थन पर जोर दिया।
घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में इजाफा
घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या अक्तूबर में 70.46 फीसदी की दर से बढ़ी है। नागर विमानन महानिदेशलय (डीजीसीए) के अनुसार, इस तेजी के साथ हवाई यात्रा करने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 89.85 लाख पर पहुंच गई है। पिछले वर्ष समान माह में यह आंकड़ा 52.71 लाख था।
देश में फ्लाइंग/पायलट प्रशिक्षण देना जरूरी
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने विंग्स इंडिया कार्यक्रम 2022 के उद्घाटन कार्यक्रम में कहा कि हमें वर्तमान में 9,500 पायलटों की जरूरत है और 40 फीसदी से अधिक पायलट प्रशिक्षण के लिए विदेश जाते हैं। इसमें विदेशी मुद्रा खर्च होती है। एक पायलट को प्रशिक्षण दिलाने में लगभग 1.5 से 2 करोड़ रुपये का खर्च आता है। इसलिए हमें अपने देश में फ्लाइंग/पायलट प्रशिक्षण देना शुरू करना चाहिए।