आयकर विभाग का नया ई-फाइलिंग पोर्टल
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इनकम टैक्स के नए पोर्टल को तकनीकी समस्याओं से छुटकारा नहीं मिल पाया है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने पोर्टल तैयार करने वाली कंपनी इंफोसिस के लिए 15 सितंबर तक की समयसीमा तय की थी, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। कर विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग पोर्टल के अलग-अलग फंक्शन का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें तकनीकी समस्या से जूझना पड़ता है।
तीन महीने पहले लॉन्च हुआ था पोर्टल
जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार ने करीब तीन महीने पहले नया इनकम टैक्स पोर्टल लॉन्च किया था। उस दौरान दावा किया गया था कि इस पोर्टल में यूजर्स को काफी सहूलियतें मिलेंगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। विशेषज्ञों के मुताबिक, पोर्टल पर अब भी रिटर्न फाइल करने के बाद संशोधन करने में यूजर्स को दिक्कत होती है। इसके अलावा रिफंड स्टेटस जानने और रिफंड दोबारा जारी करने का अनुरोध भी आसानी से नहीं हो पाता। साथ ही, यूजर्स 2013-14 में फाइल किए गए रिटर्न को देख नहीं पा रहे हैं।
2019 में इंफोसिस में हुआ था अनुबंध
बता दें कि इनकम टैक्स का नया पोर्टल 7 जून 2021 को लॉन्च किया गया था। आयकरदाताओं और अन्य विशेषज्ञों ने पहले ही दिन काम करने में आई दिक्कतों से रूबरू कराया था। अहम बात यह है कि इस पोर्टल को तैयार करने का अनुबंध साल 2019 के दौरान इंफोसिस से किया गया था। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने 23 अगस्त को इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख को समन जारी किया था और 15 सितंबर तक दिक्कतों को दूर करने की चेतावनी दी थी। आज इस समयसीमा का आखिरी दिन था, लेकिन इनकम टैक्स पोर्टल में तकनीकी समस्याएं बरकरार हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मसले पर पारेख से बातचीत भी की थी और पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं पर निराशा जताई थी। इस मामले में न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इंफोसिस और आयकर विभाग से बात करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।