प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बंगाल में नगरपालिका भर्ती घोटाले में गुरुवार को राज्य के खाद्य और आपूर्ति मंत्री रथिन घोष के आवास सहित कोलकाता और उसके आसपास 13 ठिकानों पर छापे मारे। कार्रवाई में करीब 80 अधिकारी शामिल थे। छापे की कार्रवाई सुबह 6:30 बजे शुरू हुई और दिन भर जारी रही। इस दौरान उत्तर 24 परगना जिले के दमदम, बारानगर, टीटागढ़ और मध्यमग्राम में कई नगरपालिका अध्यक्षों और अन्य अधिकारियों के आवासों को खंगाला गया।
आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच राज्य की विभिन्न नगर पालिकाओं में पैसे के बदले 1,500 लोगों को नौकरी दी गई। ईडी को संदेह है कि कर्मचारियों की भर्ती में 12-14 नगर पालिकाओं में भ्रष्टाचार हुआ है। एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने सबसे पहले 7 जून को तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, यह मालूम नहीं चल पाया है कि छापेमारी के दौरान रथिन घोष अपने आवास में मौजूद थे या नहीं।
रथिन घोष के आवास पर ईडी की छापेमारी को लेकर भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने कहा, 'अदालत के निर्देश पर कुछ अध्यक्ष और बंगाल सरकार में मंत्री रथिन घोष के आवास पर ED की छापेमारी चल रही है। छापेमारी खत्म होने के बाद ही पता चलेगा कि क्या सबूत मिले और क्या रिकवरी हुई।'
उत्तर 24 परगना जिले में टीटागढ़ नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत चौधरी के आवास पर भी ईडी की छापेमारी जारी है। यह रेड टीटागढ़ नगर पालिका में भर्ती में कथित भ्रष्टाचार के मामले में की जा रही है।
द्रमुक सांसद और बीआरएस विधायक के घर छापे
इधर, आयकर विभाग ने तमिलनाडु में डीएमके (द्रमुक) सांसद एस जगतरक्षकन व तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के विधायक मागन्ती गोपीनाथ के परिसरों पर छापा मारा। विभाग ने अराक्कोनम से सांसद जगतरक्षकन के घर, कार्यालय, होटलों, अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों समेत 40 से अधिक ठिकानों पर बृहस्पतिवार को तलाशी ली। मामला टैक्स चोरी से जुड़ा माना जा रहा है। तीन साल पहले ईडी ने जगतरक्षकन की 89 करोड़ की संपत्ति जब्त की थीं। आयकर टीम ने जुबली हिल्स विधायक गोपीनाथ के कुकटपल्ली, गाचीबोवली में उनके आवास व दफ्तर की तलाशी ली। बताया जा रहा है कि विधायक के वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज व संपत्तियों की जांच हुई। सीएम एमके स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बदले की राजनीति कर रही है।