प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजय भंडारी के खिलाफ नया आरोप पत्र दायर किया है। हालांकि आरोप वर्तमान में ब्रिटेन में हैं। बता दें भंडारी के खिलाफ पहली चार्जशीट ईडी ने 2020 में दायर की थी।
आरोप पत्र में ईडी ने कहा, भंडारी 2016 में ब्रिटेन भाग गया था। आरोपी को अघोषित संपत्ति रखने से जुड़े मामले में एक विशेष पीएमएलए अदालत द्वारा घोषित अपराधी घोषित किया गया है। ब्रिटेन ने ईडी और सीबीआई के अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए इस वर्ष जनवरी में भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी। ईडी ने 2015 के काले धन विरोधी कानून के तहत उनके खिलाफ दायर आयकर विभाग के आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए फरवरी 2017 में आरोपी और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आपराधिक मामला दर्ज किया था।
बता दें 2009 में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के लिए 75 पिलाटस बेसिक ट्रेनर विमान की खरीद में भ्रष्टाचार से जुड़े एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भी भूमिका की जांच कर रही है।
वहीं अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व अधिकारियों की तलाशी ली। मंगलवार को तेलंगाना में नौ स्थानों पर छापेमारी की गई थी। ईडी ने एक बयान में कहा, छापे में डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और तकरीबन 10 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई ।
हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के 20 करोड़ रुपये के आपराधिक दुरुपयोग के लिए तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा एफआईआर और आरोप पत्रों से सामने आया। ईडी ने कहा, चार्जशीट में हैदराबाद के उप्पल में निर्मित राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम के लिए डीजी सेट, अग्निशमन प्रणाली और कैनोपी की खरीद में अनियमितताओं के आरोप हैं। पुलिस आरोप पत्र के मुताबिक, समय सीमा के बावजूद कई कार्यों में ज्यादा देरी हुई, जिससे लागत और बजट में बढ़ोतरी हुई और एचसीए को भारी नुकसान हुआ।