अप्रैल में 64,600 अमेरिकी डॉलर (48.5 लाख रुपये) तक पहुंचने के बाद दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटक्वाइन की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली। सिर्फ बिटक्वाइन ही नहीं, दुनिया की अन्य क्रिप्टोकरेंसी जैसे इथेरियम, बाइनेंस क्वाइन, डॉजक्वाइन, आदि में भी गिरावट आई है। क्रिप्टोकरेंसी के निवेशकों को भारी घाटा हुआ है। आज दुनिया की 10 सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी में से सात लाल निशान पर कारोबार कर रही हैं। चीन द्वारा क्रिप्टोकरेंसी पर नियामकीय कार्रवाई और क्रिप्टो बाजार में सुस्ती की वजह से ट्रेडिंग वॉल्युम में गिरावट देखने को मिल रही है।
चीनी सरकार की क्रिप्टोकरेंसी पर सख्ती से आई गिरावट
पिछले महीने चीन के सेंट्रल बैंक ने कुछ बैंकों और पेमेंट फर्मों को क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग पर कड़ाई करने का आदेश दिया था। इसके बाद ही क्रिप्टोकरेंसी में गिरावट आई हैृ। चीन के सेंट्रल बैंक यानी पीपुल्स बैंक ऑफ चाइन के बयान के तुरंत बाद ही बिटक्वाइन का भाव दो सप्ताह के निचले स्तर पर फिसल गया था। पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने सभी बैंकों और पेमेंट फर्मों के साथ हुई बैठक में कहा था कि वो अपने ग्राहकों के खातों की जांच करें और पता लगाएं कि कौन क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े लेनदेन कर रहा है। सेंट्रल बैंक ने तुरंत उनके पेमेंट चैनल को बंद करने को कहा है। चीन ने साल 2017 से ही वर्चुअल करेंसी पर बैन लगा रखा है।
आईसीआईसीआई बैंक के फैसले से भी आई नरमी
दुनिया के कुछ देशों में भले ही क्रिप्टो करेंसी को अपनाया जाने लगा हो मगर भारत में इसे लेकर अभी तक सख्त रवैया बरकरार है। आईसीआईसीआई बैंक ने विदेशों में निवेश करने के लिए धन भेजने वाले ग्राहकों से कहा था कि वे पैसे का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी खरीदने के लिए नहीं कर सकते। यानी अब ग्राहकों को आउटवर्ड्स रेमिटेंस आवेदन पत्र देना होगा। ग्राहकों जब भी विदेश में पैसा भेजेंगे तो उन्हें यह बताना होगा कि वे इसका निवेश क्रिप्टो में नहीं करेंगे। आईसीआईसीआई बैंक ने अपने 'रिटेल आउटवर्ड्स रेमिटेंस एप्लीकेशन फॉर्म' में बदलाव किया है।
नया कानून ला सकती है सरकार
19 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के दौरान सरकार संसद में क्रिप्टोकरेंसी और विनियमन डिजिटल मुद्रा विधेयक-2021 पेश कर सकती है। इस संदर्भ में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि उन्होंने बिल पर बहुत काम किया है और कैबिनेट नोट तैयार है। उन्होंने कहा कि हितधारकों से विचार, दृष्टिकोण और उनकी प्रतिक्रिया ली गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा कि हमें देखना होगा कि कैबिनेट कब इसे ले सकती है और इस पर विचार कर सकती है। ताकि हम इसे स्थानांतरित कर सकें। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक पहले से ही गंभीर दिखाई देता आया है।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना जोखिम भरा सौदा
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश में डिजिटल करेंसी की ट्रेडिंग से बैन हट गया है। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती जा रही है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को कंट्रोल करने के लिए कोई देश, सरकार या संस्था नहीं है। इससे इसकी कीमत में कभी बहुत अधिक उछाल देखने को मिलता है तो कभी बहुत ज्यादा गिरावट। इसकी वजह से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना जोखिम भरा सौदा है। इसलिए आपको किसी विशेषज्ञ की राय के बिना इसमें निवेश नहीं करना चाहिए।