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ADB: एडीबी ने भारत की विकास दर का अनुमान 7% पर बरकरार रखा, सरकारी खर्च और कृषि क्षेत्र पर बैंक ने कही यह बात

Wed, 25 Sep 2024 10:54 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ADB Forecast: सितंबर के अपने एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) अपडेट में एडीबी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में निर्यात पहले के अनुमान से अधिक रहेगा, जिसका श्रेय सेवाओं के निर्यात में वृद्धि को जाता है। हालांकि, एडीबी के अनुसार अगले वित्त वर्ष में वस्तुओं की निर्यात वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रहेगी।
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भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
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विस्तार
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एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के विकास अनुमान को सात प्रतिशत पर बरकरार रखा और कहा कि बेहतर कृषि उत्पादन व उच्च सरकारी खर्च से आने वाली तिमाहियों में अर्थव्यवस्था में तेजी आने की उम्मीद है।

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सितंबर के अपने एशियाई विकास परिदृश्य (एडीओ) अपडेट में एडीबी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में निर्यात पहले के अनुमान से अधिक रहेगा, जिसका श्रेय सेवाओं के निर्यात में वृद्धि को जाता है। हालांकि, एडीबी के अनुसार अगले वित्त वर्ष में वस्तुओं की निर्यात वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रहेगी।

एडीबी ने कहा, "वित्त वर्ष 2024 (वित्त वर्ष 2024, 31 मार्च 2025 को समाप्त) में जीडीपी वृद्धि सात प्रतिशत और वित्त वर्ष 2025 में 7.2 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, दोनों ही अनुमान अप्रैल 2024 में पूर्वानुमान के अनुसार हैं।" बैंक ने साथ ही यह भी कहा कि भारत की विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं।
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पिछले वित्त वर्ष (2023-24) में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत बढ़ी थी। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। इसमें कहा गया है कि वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि धीमी होकर 6.7 प्रतिशत हो गई, लेकिन कृषि में सुधार और उद्योग व सेवाओं के लिए काफी हद तक मजबूत दृष्टिकोण के साथ आने वाली तिमाहियों में इसमें तेजी आने की उम्मीद है।

निजी उपभोग में सुधार की उम्मीद, निवेश का परिदृश्य भी सकारात्मक

एडीबी के अनुसार भारत में निजी उपभोग में भी सुधार होने की उम्मीद है। एडीबी के अनुसार, मजबूत कृषि से प्रेरित ग्रामीण उपभोग और पहले से ही मजबूत शहरी उपभोग से प्रेरित होगा। निजी निवेश का परिदृश्य सकारात्मक है, लेकिन सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि, जो अब तक उच्च रही है, वित्त वर्ष 2025 में धीमी हो जाएगी।

एडीबी ने कहा कि राजकोषीय समेकन के प्रयासों से राजकोषीय घाटा कोविड-19 से पहले के स्तर पर पहुंच जाएगा, जो मजबूत राजस्व संग्रह और संयमित चालू व्यय को दर्शाता है। एशियाई विकास बैंक ने अपने अनुमान में कहा है कि श्रमिकों और फर्मों को रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन की पेशकश करने वाली हालिया नीति घोषणा से श्रम मांग को बढ़ावा मिल सकता है और वित्त वर्ष 2025 से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सकता है।

रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा से मिलेगी मदद

बजट 2024-25 में तीन रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा की गई है और कहा गया है कि सरकार उन्हें लागू करने के लिए 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित करेगी। एडीबी ने कहा, "वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही (Q1)में साल-दर-साल आधार पर वृद्धि धीमी रही, लेकिन आने वाले महीनों में बेहतर कृषि प्रदर्शन और अधिक सरकारी खर्च के कारण इसके बेहतर होने की उम्मीद है।

एडीबी ने कहा, "उद्योग और सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन लगातार मजबूत रहने की उम्मीद है।" मजबूत सेवा निर्यात और धन प्रेषण से चालू खाता घाटा मध्यम बना रहेगा। खाद्य पदार्थों की बढ़ी हुई कीमतों का अर्थ यह होगा कि चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति पूर्व अनुमान से अधिक रहेगी, लेकिन अगले वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति कम हो जाएगी।

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