धीमी जमा वृद्धि से बैंकों को अब दूसरे रास्तों से पैसे जुटाने होंगे। रेटिंग एजेंसी इक्रा का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में बैंकों को बॉन्ड जारी करके 1.3 लाख करोड़ रुपये जुटाने होंगे। बॉन्ड के जरिये जुटाई जाने वाली यह रकम अब तक की सबसे ज्यादा रकम होगी। जमा और कर्ज वृद्धि के बीच जारी अंतर को कम करना होगा।
इक्रा ने मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा, लगभग 85 फीसदी बॉन्ड सरकारी बैंक जारी करेंगे। यह बॉन्ड इंफ्रा क्षेत्र के होंगे। तरलता की विकट स्थिति और कर्ज वृद्धि लगातार जमा वृद्धि से अधिक होने के कारण बैंकों द्वारा वैकल्पिक स्रोतों से धन उगाहना जरूरी हो गया है। बैंकों ने 2023-24 में बॉन्ड से एक लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। इससे पहले 2022-23 में रिकॉर्ड 1.1 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे।
अभी तक 76,700 करोड़ रुपये जुटाए
बैंकों ने चालू वित्त वर्ष में अब तक बॉन्ड से 76,700 करोड़ रुपये जुटाए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में इसी अवधि के दौरान जुटाई गई रकम से यह काफी ज्यादा है। 30 जून, 2024 तक बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बैंकों की अग्रिम राशि 13-14 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। सरकारी बैंकों का इसमें 75 प्रतिशत हिस्सा है।
उद्योग जगत से मिली चार लाख करोड़ की कर्ज मांग
एसबीआई चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा, बैंक को उद्योग जगत से चार लाख करोड़ के कर्ज की मांग मिल चुकी है। इससे पता चलता है कि 2024-25 की दूसरी छमाही में निजी क्षेत्र के पूंजीगत खर्च में तेजी आएगी। इन्फ्रा के लिए फंडिंग, सड़कों, नवीकरणीय उर्जा व कुछ रिफाइनरियों से आ रही है।