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सेंसेक्स क्या है और ये निफ्टी से कैसे अलग है? आइए जानते हैं

Sat, 13 Feb 2021 12:11 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शेयर मार्केट - फोटो : ANI
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सेंसेक्स ने अब 51,000 अंक का स्तर पार कर लिया है। इसे आप ऐसे समझ सकते हैं, यदि आपने 10 साल पहले एक लाख रुपये एफडी में निवेश किए थे, तो आपको लगभग 1.87 लाख रुपये मिलते। पर अगर आप इतनी ही राशि उस समय सेंसेक्स में लगाते तो आपका पैसा आज 2.8 लाख रुपये हो गया होता। लेकिन, क्या हाल ही में बाजार में गिरावट नहीं आई? हां, आई तो थी। लेकिन बाजार मजबूत होने के लिए ही कुछ गिरते हैं (जिसे मार्केट करेक्शन कहा जाता है)। 

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आइए जानते हैं Finology के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रांजल कामरा के अनुसार 'सेंसेक्स' क्या है और 'निफ्टी' कहलाने वाला इसका समकक्ष क्या है? यह जानने के लिए, सबसे पहले समझते हैं कि सूचकांक क्या हैं।

इंडेक्स क्या होता है?
इंडेक्स बाजार के प्रदर्शन को ट्रैक करने का एक मानकीकृत प्रारूप है। इसमें एक विशेष एक्सचेंज (जैसे बीएसई या एनएसई) पर ट्रेडिंग में शामिल शेयर्स का समूह शामिल है जो बाजार की गतिविधि के विशेष क्षेत्र को दोहराता है। इस तरह के सूचकांक या तो ब्रॉड-बेस्ड (व्यापक-आधारित) हो सकते हैं, जैसे कि सेंसेक्स और निफ्टी, या वे अधिक विशिष्ट हो सकते हैं जैसे बैंक निफ्टी या बीएसई ऑटो इंडेक्स। दूसरे शब्दों में, सेंसेक्स बीएसई की बाजार परिस्थितियों को दर्शाता है जबकि निफ्टी एनएसई की बाजार परिस्थितियों को दर्शाता है। 
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इन्हें 'सेंसेक्स' और 'निफ्टी' क्यों कहा जाता है और वे कैसे अलग हैं?
बेंचमार्क इंडेक्स होने के नाते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ब्रॉड-बेस्ड मार्केट डायनामिक्स को ट्रैक करते हैं। सेंसेक्स 'बीएसई सेंसिटिव इंडेक्स का एक छोटा रूप है, जबकि निफ्टी एनएसई फिफ्टी का छोटा रूप है। इसके अलावा, दोनों सूचकांकों के बीच तीन प्रमुख अंतर हैं:

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स्टॉक्स की संख्या
सेंसेक्स और निफ्टी के बीच सबसे बड़ा ध्यान देने योग्य अंतर उन शेयरों की संख्या है जो उन पर ट्रेडिंग करते हैं। सेंसेक्स एक बेंचमार्क इंडेक्स है जिसमें कुल 30 स्टॉक हैं। निफ्टी 50, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि यह एक सूचकांक है जिसमें कुल 50 स्टॉक शामिल हैं।

गणना
आपने देखा होगा कि रुपये के संदर्भ में शेयरों की बात करने के बावजूद सूचकांकों को उनके प्वाइंट्स के अनुसार संदर्भित किया जाता है। तो, यह प्वाइंट सिस्टम क्या है? इस प्वाइंट सिस्टम की गणना एक फ्री-फ्लोट, मार्केट-कैपिटेलाइजेशन-वेटेड मेथड के आधार पर की जाती है। ऐसा करने का सूत्र है:

(मौजूदा मार्केट वैल्यू/बेस मार्केट कैपिटल) x बेस इंडेक्स वैल्यू
अंतर यह है कि सेंसेक्स 100 की बेस इंडेक्स वैल्यू का उपयोग करता है जबकि निफ्टी 1000 का उपयोग करता है।

गठन की तिथि और बेस ईयर
सेंसेक्स को एक जनवरी 1986 को 1978-79 के बेस ईयर के साथ लॉन्च किया गया था। शुरुआत में फुल-मार्केट कैपिटेलाइजेशन मेथड के साथ निफ्टी 22 अप्रैल 1996 को लॉन्च किया गया था। इसे 26 जून 2009 को फ्री-फ्लोट मेथडोलॉजी के रूप में बदल दिया गया था। इसकी बेस पीरियड तीन नवंबर 1995 है।

इन तीन बिंदुओं के अलावा, यह बिना कहे पता चलता है कि सेंसेक्स बीएसई से संचालित होता है और निफ्टी एनएसई से संचालित होता है। 
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