स्टॉक्स की संख्या
सेंसेक्स और निफ्टी के बीच सबसे बड़ा ध्यान देने योग्य अंतर उन शेयरों की संख्या है जो उन पर ट्रेडिंग करते हैं। सेंसेक्स एक बेंचमार्क इंडेक्स है जिसमें कुल 30 स्टॉक हैं। निफ्टी 50, जैसा कि इसके नाम से पता चलता है कि यह एक सूचकांक है जिसमें कुल 50 स्टॉक शामिल हैं।
गणना
आपने देखा होगा कि रुपये के संदर्भ में शेयरों की बात करने के बावजूद सूचकांकों को उनके प्वाइंट्स के अनुसार संदर्भित किया जाता है। तो, यह प्वाइंट सिस्टम क्या है? इस प्वाइंट सिस्टम की गणना एक फ्री-फ्लोट, मार्केट-कैपिटेलाइजेशन-वेटेड मेथड के आधार पर की जाती है। ऐसा करने का सूत्र है:
(मौजूदा मार्केट वैल्यू/बेस मार्केट कैपिटल) x बेस इंडेक्स वैल्यू
अंतर यह है कि सेंसेक्स 100 की बेस इंडेक्स वैल्यू का उपयोग करता है जबकि निफ्टी 1000 का उपयोग करता है।
गठन की तिथि और बेस ईयर
सेंसेक्स को एक जनवरी 1986 को 1978-79 के बेस ईयर के साथ लॉन्च किया गया था। शुरुआत में फुल-मार्केट कैपिटेलाइजेशन मेथड के साथ निफ्टी 22 अप्रैल 1996 को लॉन्च किया गया था। इसे 26 जून 2009 को फ्री-फ्लोट मेथडोलॉजी के रूप में बदल दिया गया था। इसकी बेस पीरियड तीन नवंबर 1995 है।
इन तीन बिंदुओं के अलावा, यह बिना कहे पता चलता है कि सेंसेक्स बीएसई से संचालित होता है और निफ्टी एनएसई से संचालित होता है।