कमजोर वैश्विक रुख के बीच राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोना 37 रुपये की गिरावट के साथ 45,539 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 45,576 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमत भी 137 रुपये गिरकर 59,203 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 59,340 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना हानि के साथ 1,753 डॉलर प्रति औंस रह गया जबकि चांदी 22.42 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।
बीते साल 35 फीसदी से अधिक घटी सोने की मांग
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ही सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।
स्वर्ण ईटीएफ सोने की कीमत पर आधारित होते हैं और उसके दाम में आने वाली घट-बढ़ पर ही इसका दाम भी घटता बढ़ता है। मालूम हो कि ईटीएफ का प्रवाह सोने में कमजोर निवेशक रुचि को दर्शाता है। एक मजबूत डॉलर अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सोने को अधिक महंगा बनाता है।
मालूम हो कि बीते वित्त वर्ष 2020-21 में सोने का आयात 22.58 फीसदी बढ़कर 34.6 अरब डॉलर या 2.54 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। सोने का आयात चालू खाते के घाटे (CAD) को प्रभावित करता है। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार घरेलू मांग बढ़ने से सोने का आयात बढ़ा है। वित्त वर्ष के दौरान चांदी का आयात 71 फीसदी घटकर 79.1 करोड़ डॉलर रह गया।