सोने के गहने (सांकेतिक तस्वीर)
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अखिल भारतीय घरेलू रत्न एवं आभूषण परिषद के निदेशक दिनेश जैन ने कहा कि जल्दबाजी में बीती एक जुलाई से अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू किए जाने से उद्योग जगत बर्बाद हो रहा है। बताया कि इससे हॉलमार्किंग की प्रक्रिया में 5-10 दिन लग जाते हैं।
पांच करोड़ से ज्यादा उत्पादों को हॉलमार्किंग की जरूरत है और मौजूदा गति के हिसाब से 500 दिन लग जाएंगे। इसके अलावा अगले एक साल में 4.5 लाख करोड़ कीमत के करीब 12 करोड़ नए उत्पाद बनाने का भी लक्ष्य है, जिन्हें हॉलमार्किंग की जरूरत होगी। ऐसे में प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय लगेगा, इसका विपरीत असर पड़ेगा।
यूपी में हॉलमार्क ब्योरा देने के लिए 15 दिन की मोहलत
यूपी में सराफा कारोबारी अब 15 अगस्त तक हॉलमार्क का ब्योरा दे सकेंगे। पहले जानकारी 31 जुलाई तक देनी थी। लखनऊ सराफा एसोसिएशन के महामंत्री प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि यह आश्वासन उपभोक्ता संरक्षण की केंद्रीय राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने यूपी सराफा एसोसिएशन को दिया है।
अग्रवाल के अनुसार अब ब्योरा देने के दौरान कारोबारियों को सिर्फ कुल गहनों की संख्या एवं उनका वजन बताना होगा। वहीं, ऑल इंडिया ज्वैलर्स एवं गोल्डस्मिथ एसोसिएशन ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन भेजकर एक्स-रे से सोने की शुद्धता जांचने का सिस्टम लागू करने की मांग की।