कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारत में आज सोने की वायदा कीमत लगातार दूसरे दिन कम हुई। एमसीएक्स पर सोना वायदा 0.24 फीसदी गिरकर 44,795 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, जबकि चांदी वायदा 0.5 फीसदी घटकर 66,013 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। पिछले सत्र में, सोना 0.18 फीसदी कम हुआ था और चांदी में 1.6 फीसदी की गिरावट आई थी। मिश्रित संकेतों के बीच भारतीय बाजारों में पिछले दो सप्ताह में सोना 44,500 रुपये से लेकर 45,300 रुपये तक सीमित दायरे में रहा है।
वैश्विक बाजारों में आई गिरावट
वैश्विक बाजारों में, सोने की कीमत में गिरावट आई। लेकिन दुनिया के कई हिस्सों में कोरोना वायरस महामारी के नए मामलों में उछाल से गिरावट सीमित रही। मजबूत डॉलर से भी सोना प्रभावित हुआ। हाजिर सोना 0.3 फीसदी गिरकर 1,733.69 डॉलर प्रति औंस हो गया। अन्य कीमती धातुओं में चांदी 0.6 फीसदी गिरकर 25.61 डॉलर पर और प्लैटिनम 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 1,179.59 डॉलर पर बंद हुआ।
खुदरा आभूषण उद्योग में आ सकती है तेजी
सोने की कीमतों में भारी गिरावट के बाद खुदरा आभूषण उद्योग में इस साल 30-35 फीसदी तेजी की उम्मीद है। इंडिया रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा, आर्थिक गतिविधियों के कोरोना पूर्व पर पहुंचने और सोने की कीमतों में नरमी से सुधार को गति मिलेगी। इससे पहले 2020-21 की तीसरी तिमाही में त्योहारी सीजन, शादी-विवाह के कारण मांग बढ़ने और कीमतों में 10 फीसदी गिरावट के कारण सोने की मांग में तेजी देखने को मिली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, मांग में वृद्धि की वजह से चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 2021-22 में आभूषणों की मांग 30-35 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि, अगले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 'वी-आकार' में सुधार को देखते हुए कोरोना पूर्व स्तर के मुकाबले समग्र मांग महज पांच से 10 फीसदी ही बढ़ सकती है।
सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है भारत
भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक देश है। मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सोने का आयात किया जाता है। मात्रा के हिसाब से भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है।