पिछले एक दशक में सोने की कीमतों में बहुत ज्यादा उछाल देखने को मिला है। 1964 में सोने का भाव 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 2008 में जहां 24 कैरेट सोने का भाव 12500 रुपये प्रति 10 ग्राम था, वहीं सोमवार 26 अगस्त को यह 40 हजार के पार चला गया। सोने की कीमतों में बढ़त या फिर कीमत कम होने के लिए कई सारे फैक्टर काम करते हैं। इस हिसाब से एक दशक में सोने की कीमतों में करीब 27500 रुपये का इजाफा हुआ है।
एक साल में नौ हजार रुपये बढ़ी कीमत
2018 में जहां सोने की कीमत 31,438 रुपये थी। पिछले आठ माह में इसमें नौ हजार रुपये प्रति 10 ग्राम इजाफा देखने को मिला। यह इसलिए देखने को मिला है क्योंकि अभी भी लोग निवेश के लिए इसको बेहतरीन विकल्प समझते हैं।
2008 से लेकर के ऐसे बढ़ी कीमत
| साल |
कीमत (रुपये प्रति 10 ग्राम) |
| 2008 |
12500 |
| 2009 |
14500 |
| 2010 |
18500 |
| 2011 |
26400 |
| 2012 |
31050 |
| 2013 |
29600 |
| 2014 |
28006 |
| 2015 |
26343 |
| 2016 |
28623 |
| 2017 |
29667 |
| 2018 |
31438 |
| 2019 (26 अगस्त को) |
40000 |
अगस्त में लगातार बढ़ी है कीमत
इस महीने कीमत बढ़ने का सिलसिला लगातार जारी है। चीन-अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध की स्थिति के चलते ऐसा देखने को मिल रहा है। वहीं देश और विदेश के कई देशों में मंदी का माहौल आ गया है। चीन, भारत के अलावा एशिया के प्रमुख देशों में उथल-पुथल मची हुई है।
मंदी के दौर में निवेश का बढ़िया विकल्प
आम तौर पर लोग मंदी के दौर में सोने में किए गए निवेश को बेहतर विकल्प मानते हैं। शादी के सीजन के अलावा सोना सबसे ज्यादा धनतेरस और अक्षय तृतीया पर सबसे ज्यादा खरीदा जाता है। आज भी लोगों का मानना है कि संकट के समय सोना ही लोगों की सबसे ज्यादा मदद करता है। ऐसे में लोगों के बीच इसकी डिमांड बनी रहती है।