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Mumbai: हाईकोर्ट ने सरकारी बैंकों पर दिया बड़ा आदेश, कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ जारी एलओसी हो जाएंगे रद्द

Tue, 23 Apr 2024 02:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Mumbai: न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के कार्यालय ज्ञापन के उस धारा को भी असंवैधानिक करार दिया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को कर्ज न चुकाने वालों के खिलाफ एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था।
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बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र (पीएसयू) बैंकों के पास डिफॉल्टर कर्जदारों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करने की कानूनी शक्ति नहीं है। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद ऐसे बैंकों की ओर से डिफॉल्टरों के खिलाफ जारी सभी एलओसी रद्द हो जाएंगे।

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जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस माधव जामदार की खंडपीठ ने केंद्र सरकार की ओर से जारी मेमोरेंडम के उस हिस्से को असांविधानिक करार दिया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के अध्यक्षों को डिफॉल्टर के खिलाफ एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था। केंद्र सरकार के वकील आदित्य ठक्कर ने हाईकोर्ट से अपने आदेश पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन पीठ ने इन्कार कर दिया। पीठ ने कहा, भले ही केंद्र का मेमोरेंडम संविधान के दायरे से बाहर नहीं था, पर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के अध्यक्ष को एलओसी जारी करने का अधिकार देने वाला हिस्सा मनमाना और बिना कानूनी शक्ति वाला है।  

2018 में मिला था अधिकार : केंद्र सरकार ने 2018 में एक संशोधन में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को देश के आर्थिक हित में एलओसी जारी करने का अधिकार दिया था। अगर किसी व्यक्ति के देश छोड़ने से आर्थिक हित को खतरा होता है, तो यह उसे विदेश यात्रा करने से रोकता है।
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अब एलओसी पर कार्रवाई नहीं करेगा : पीठ ने कहा, आव्रजन ब्यूरो डिफॉल्टरों के खिलाफ बैंकों द्वारा जारी एलओसी पर कार्रवाई नहीं करेगा। कोर्ट ने यह भी कहा, उसके फैसले से किसी भी डिफॉल्टर के खिलाफ ट्रिब्यूनल या आपराधिक अदालत की ओर से विदेश यात्रा पर रोक लगाने के आदेश पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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