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वो रहस्यमय जहाज, जो 239 लोगों के साथ आसमान से ही हो गया था गायब, आज तक नहीं मिला

Thu, 05 Mar 2020 02:15 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कभी-कभी दुनिया में ऐसी घटनाएं भी घट जाती हैं, जिसपर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। एक ऐसी ही घटना साल 2014 में घटी थी, जो अब तक दुनियाभर के लोगों के लिए एक रहस्य ही बना हुआ है। दरअसल, मलयेशिया एयरलाइंस का एक विमान 239 लोगों के साथ आसमान से ही अचानक गायब हो गया था। इस रहस्यमय घटना को छह साल होने वाले हैं, लेकिन इसका सुराग आज तक किसी को भी नहीं मिला है।    
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मलयेशिया एयरलाइंस का विमान (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
वो आठ मार्च 2014 का दिन था। मलयेशिया एयरलाइंस के विमान एमएच-370 ने राजधानी कुआलालंपुर से उड़ान भरी। उसे उसी दिन चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचना था, लेकिन विमान के उड़ने के कुछ ही समय बाद उसका संपर्क यातायात नियंत्रण केंद्र से टूट गया। इसके बाद विमान के गायब होने को लेकर कई तरह की बातें हुईं, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पहले यह अंदाजा लगाया गया कि शायद विमान को आतंकियों ने हाईजैक कर लिया है, लेकिन फिर बाद में इस तरह के कोई संकेत नहीं मिले। इसके बाद फिर यह माना गया कि शायद विमान कहीं दुर्घटनाग्रस्त हो गया होगा। इसको लेकर फिर तलाशी अभियान शुरू हुआ। कई महीनों तक और कई देशों में विमान की खोजबीन चलती रही, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।  

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कहते हैं कि एक लाख वर्ग किलोमीटर से भी ज्यादा के दायरे में विमान की खोजबीन चली, लेकिन जहाज का कुछ पता नहीं चला। किसी विमान को खोजने का यह इतिहास में अब तक का सबसे लंबा अभियान था। इसमें करोड़ों रुपये खर्च हुए थे। कई देशों ने भी इस तलाशी अभियान में मलयेशिया की मदद की थी। इसके बाद भी एमएच-370 को ढूंढ़ा नहीं जा सका। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
जानकारी के मुताबिक, इस विमान में कुल 239 लोग सवार थे, जिसमें 227 यात्रियों के साथ-साथ 12 चालक दल के सदस्य भी शामिल थे। इनमें सबसे ज्यादा संख्या चीन के यात्रियों की थी, उसके बाद मलयेशिया के। कहते हैं कि आखिरी बार विमान को हिंद महासागर के ऊपर उड़ान भरते पाया गया था, लेकिन उसके बाद वो अचानक रडार की पकड़ से बाहर हो गया था। इसके बाद उसका किसी को कुछ पता नहीं चला। हर तरफ से निराशा मिलने के बाद थक-हारकर जनवरी 2017 में विमान का तलाशी अभियान भी आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस विमान के पायलट जहारी अहमद शाह थे। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने यह दावा करते हुए सबको चौंका दिया था कि मलयेशिया के उच्च अधिकारियों का मानना है कि एमएच-370 फ्लाइट को उसके कप्तान ने ही जानबूझ कर समुद्र में डुबा दिया था। उनका दावा था कि कप्तान आत्मघाती था, जिसने विमान में सवार सभी लोगों की जान ले ली। हालांकि, अपने इस दावे से संबंधित कोई सबूत उन्होंने पेश नहीं किया था। इस तरह उनका दावा भी महज एक अनुमान ही माना जा रहा है। इस विमान का गायब होना अब भी एक अनसुलझी पहेली ही बना हुआ है। 
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