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लॉकडाउन में तनाव दूर करने का अनोखा तरीका, हर दिन यह शख्स अपने शरीर पर बना रहा एक नया टैटू

Mon, 04 May 2020 01:34 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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क्रिस वुडहेड का टैटू से भरा शरीर - फोटो : Instagram/Chris Woodhead
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप की वजह से दुनिया के कई देशों में जो लॉकडाउन लगाया गया है, उससे कई लोग तनाव में जी रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने इस तनाव को दूर करने के अलग-अलग तरीके ढूंढ लिए हैं। इन्हीं में से एक हैं लंदन के वॉथैम्स्टो में रहने वाले क्रिस वुडहेड। वह एक टैटू आर्टिस्ट हैं और पिछले 40 दिनों से रोजाना खुद से ही अपने शरीर पर एक नया टैटू बना रहे हैं। अब सिर्फ उनका चेहरा ही एक ऐसा अंग है, जहां टैटू नहीं बना है। इसके अलावा पूरे शरीर पर उन्होंने टैटू बना रखा है। 
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क्रिस वुडहेड का टैटू से भरा शरीर - फोटो : Instagram/Chris Woodhead
क्रिस बताते हैं कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान टाइमपास करने और तनाव दूर करने के लिए हर दिन एक टैटू बनाने की शुरुआत की थी। हालांकि उन्हें पहले से ही इसका शौक था। वह जब 18 साल के थे, तभी से अपने शरीर पर टैटू बनवा रहे हैं। उन्होंने ब्रिटेन के जाने-माने टैटू आर्टिस्ट डंकन एक्स को अपना प्रेरणास्रोत बताया है, क्योंकि डंकन के भी पूरे शरीर पर टैटू बने हुए हैं। क्रिस जब 19 साल के थे, तब पहली बार डंकन ने उनके शरीर पर एक टैटू बनाया था। इसके बाद तो उनके एक दोस्त ने टैटू बनाने के लिए उनके शरीर का इस तरह इस्तेमाल किया, जैसे वो कोई कैनवास हो। 
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क्रिस वुडहेड का टैटू से भरा शरीर - फोटो : Instagram/Chris Woodhead
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिस हर रोज दोपहर दो बजे से चार बजे तक सोफे पर बैठकर अपने शरीर का वो हिस्सा ढूंढते हैं, जहां वो एक नया टैटू बना सकें। ऐसा नहीं है कि लॉकडाउन के दौरान क्रिस बेमतलब ही अपने शरीर पर टैटू बना रहे हैं। उनके हर टैटू में कुछ न कुछ मतलब जरूर छुपा हुआ होता है। किसी में लॉकडाउन खत्म होने का सवाल होता है तो किसी में मेडिकल स्टाफ को धन्यवाद लिखा होता है। यहां तक कि उनके पैर के तलवों तक के टैटू में भी संदेश लिखा हुआ है। 
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क्रिस वुडहेड का टैटू से भरा शरीर - फोटो : Instagram/Chris Woodhead
क्रिस बताते हैं कि वह टैटू बनाने के लिए पुरानी तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। इस तकनीक से आज के समय में इस्तेमाल होने वाली टैटू गन के मुकाबले कम दर्द होता है। उनका मानना है कि टैटू बनाना एक थेरेपी की तरह है, जिससे उन्हें संतुष्टि मिलती है। अब सिर्फ क्रिस को लॉकडाउन हटने और कोरोना के पूरी तरह खत्म होने का इंतजार है, ताकि लोग फिर से एक नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें।   
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