प्रतीकात्मक तस्वीर
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सेवाइल विश्वविद्यालय के आण्विक और परमाणु भौतिकी केंद्र के प्रोफेसर मैनुअल लोजानो ने कहा, 'संक्षेप में कहें तो यह सबसे गूढ़ भौतिकी को समझने का आसान तरीका है।' लोजानो कहते हैं, 'यह थ्योरम सैद्धांतिक तौर पर बेहद आसान और गणित के लिहाज से बहुत ही पेचीदा है। यह सिमेट्री और क्वांटिटी के बीच के रिश्ते के बारे में है।' प्रोफेसर साहब कहते हैं, 'कल्पना करें कि मेरे हाथ में वाइन का एक ग्लास है और मैं आपसे आंखें मूंदने को कहूं। आपके आंख मूंदने पर मैं कप को इसके एक्सिस पर उलट दूं और आपसे आंखें खोलने को कहूं। आंख खोलने पर आप शायद यह नहीं समझ पाएं कि कप अपनी जगह से हटाया गया है।' वे आगे बताते हैं, 'लेकिन यदि मैं ग्लास को घुमा दूं और तब आप आंखें खोलें तो आपको लगेगा कि कुछ तो हुआ है।' इसका मतलब? लोजानो के मुताबिक, इसका मतलब यह है कि कप एक एक्सिस पर साइमेट्रिकल है, लेकिन दूसरे एक्सिस पर सिमेट्रिकल नहीं है।