बेतिया में एक महिला की मौत के चार दिन बाद कब्र से दुबारा उसकी लाश निकाली गई। पुलिस अब उस शव का पोस्टमोर्टम करा रही है। क्यों कि महिला के परिजनों का कहना है कि उस महिला की मौत किसी बिमारी से नहीं हुई है बल्कि उसकी हत्या की गई है। महिला के ससुराल वालों ने बुधवार को उसकी लाश को दफन कर दिया था। मामला शिकारपुर थाना क्षेत्र के गौरीपुर अमवा टोला की है।
बाइक के लिए प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
इस मामले में शिकारपुर थाना अध्यक्ष रामाश्रय यादव का कहना है कि ने बताया कि मृतका की मां आसमा खातून ने गुरुवार को थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराया है। एफआईआर में उसने अपने दामाद नुरैन मियां समेत 6 लोगों को आरोपित किया है। प्राथमिकी के अनुसार मृतका की मां का आरोप है कि 12 साल पहले नुरैन से शादी हुई थी। दोनों के दाम्पत्य जीवन से तीन बच्चे हैं, जिसमें दो बेटा और एक बेटी है। शादी के बाद से ही उसकी बेटी को दहेज में बाइक के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। 10 अक्टूबर की रात में पति एवं ससुराल के लोगों ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
ग्रामीणों ने बताया इस वजह से नहीं निकलती थी घर से
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि महिला की मौत गंभीर बीमारी से हुई है। वह बहुत दिनों से बीमार थी। घर से बाहर नहीं निकल रही थी। इलाज कराने जाते वक्त उसको देखा जाता था। पुछने पर घरवाले कैंसर होने की बात कहते थे। मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। बुधवार को उसकी मैयत में मायके वाले भी शामिल थे। शव को दफनाने के बाद सभी लोग घर लौट आये। घर पर आकर इलाज में लापरवाही करने की बात पर मृतका के मायके वालों एवं ससुराल वालों में बहस होने लगी और इस दौरान दोनों के बीच काफी तूतू-मैंमैं होने लगी। इसके बाद मायके वाले बोलेरो से उसी दिन संध्या में अपने घर चले गए। गुरुवार को मालूम हुआ कि मायके वाले थाना पहुंचे हुए हैं और हत्या का केस करने जा रहे हैं।
जांच में जुटी पुलिस
आवेदन देने के बाद शनिवार को मजिस्ट्रेट सतीश कुमार की मौजूदगी में पुलिस गौरीपुर अमवा टोला पहुंची और मृतका सितारा खातून के शव को कब्र खोदकर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाश को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया।