बिहार विधानसभा में अब भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी हो गई है। 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद सबसे बड़ी पार्टी थी। उस समय भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी। हाल ही में वीआईपी के तीन विधायकों के शामिल होने के बाद भाजपा की सीटें 74 से बढ़कर 77 हो गई हैं। लालू यादव की राजद 75 सदस्यों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है। यह पहली बार है, जब बिहार विधानसभा में भाजपा सबसे बड़ा दल बना है। 2010 में भाजपा ने 91 सीटें हासिल की थी। उस समय जदयू 115 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी।
मुकेश सहनी का इस्तीफा मांग रही भाजपा
वहीं, बिहार विधानसभा में आज मुकेश सहनी की पार्टी से बीजेपी में गए विधायकों का मामला गरम रहा। भाजपा के विधायक मुकेश सहनी से इस्तीफा मांग रहे हैं। सहनी की नैतिकता वाले बयान पर शाहनवाज हुसैन ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा है कि जो पीएम और गृह मंत्री को अपशब्द कह सकता है, वो हमारे लिए कुछ भी कह सकता है। नैतिकता सभी के लिए होती है। सिर्फ एक के लिए नहीं होती है।
शाहनवाज ने कहा कि उत्तर प्रदेश का नतीजा बहुतों को जवाब है। लगातार हमारे नेतृत्व का अपमान किया जा रहा था। इसी वजह से तीनों नेताओं ने वीआईपी को छोड़ा है। उन्होंने कहा कि हमारा डीएनए तो भाजपा का है। अब भाजपा नम्बर एक की पार्टी है। उन्होंने बोचहां की सीट पर भी जीत का दावा किया।
उधर, आरजेडी विधायक इस मामले के बहाने अब मुकेश सहनी और सीएम नीतीश कुमार पर तंज कस रहे हैं। उनका कहना है कि आज मुकेश सहनी हटे हैं, कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हटेंगे। सदन के अंदर मुकेश सहनी खुद मोबाइल में व्यस्त दिखे। उनके बगल में कई मंत्री बैठे हुए थे लेकिन, बातचीत नहीं हो रही थी। भाजपा ने एक बार फिर मुकेश सहनी से नैतिकता के आधार पर इस्तीफा मांगा है।