पूर्णिया जिले के चर्चित मलय सिंह हत्याकांड में शामिल पांच आरोपियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पूर्णिया सिविल कोर्ट स्थित द्वितीय अपर जिला व सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन सहाय ने बिट्टू सिंह, विक्की सिंह, रमन सिंह, करकू सिंह और बजरंग सिंह उर्फ बजरंगी सिंह को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही साथ सभी अभियुक्तों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं, आरोपी बिट्टू सिंह पूर्व से ही भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद है। वहीं, जमानत पर चल रहे अन्य आरोपियों की सजा पहले ही कोर्ट ने रद्द कर दी थी। बता दें कि 16 साल पहले पांच सितंबर 2008 गिरजा चौक के निकट दिन के तीन बजे दिनदहाड़े बाइक सवार मलय सिंह को रोककर उसके सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इस हत्या को लेकर मृतक सरसी निवासी प्रमिला देवी पति स्वर्गीय कामेश्वर प्रसाद सिंह ने केहाट थाने में कांड संख्या 352/08 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी। उसने कहा था कि उस दिन वह बाइक पर अपने छोटे बेटे मलय सिंह के साथ बैठकर बैंक में खाता खुलवाने जा रही थी। गिरजा चौक से थोड़ा आगे बढ़ते ही मालिक गैरेज से आगे बढ़ते ही बजरंगी सिंह मलय को रुकने का इशारा किया। उसने बाइक रोक दी। इतने में श्रीनगर रोड की ओर से बाइक पर सवार बिट्टू सिंह, विक्की सिंह, रमन सिंह, करकू सिंह आया और उसे बाइक से उतार दिया।
बिट्टू सिंह अपने कमर से हथियार निकालकर मलय सिंह के सिर पर गोली मार दी। बिक्की सिंह ने भी मलय सिंह के कनपट्टी पर गोली मारी। जब उन लोगों को लगा कि मलय सिंह मर गया तो सभी बाइक से श्रीनगर की ओर भाग निकले। इस घटना से मलय सिंह की मां भी भय और दुख से बेहोश हो गई। थोड़ी देर बाद पुलिस उसके बेटे को अस्पताल ले गई। जहां उसकी मृत्यु हो गई, घटना के पीछे पुरानी दुश्मनी है। न्यायालय में उक्त कांड में कुल पांच गवाहों का बयान दर्ज हुआ, गवाहों के बयान एवं उपलब्ध साक्षी के आधार पर न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा तथा सभी को 10-10 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई।