Patna High Court Recruitment 2022
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पटना उच्च न्यायालय ने बिहार के 12 विश्वविद्यालयों में 4638 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली के विज्ञापन को रद्द कर दिया है। उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द नए सिरे से बहाली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली के लिए 2020 के विज्ञापन को रद्द किया है।
क्या है मामला
पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी जिसमें याचिकाकर्ताओं ने बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली में आरक्षण के नियमों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था। इस बाबत अधिवक्ता सत्यम शिवम् सुन्दरम ने बताया कि बिहार के 12 विश्वविद्यालयों में अलग-अलग विषय के लिए कुल 4638 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी हुआ था। नियम यह कहता है कि आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से कम होनी चाहिए । लेकिन 4638 पदों में 1223 पद ही सामान्य श्रेणी के लिए रखे गए जो कि आरक्षण के नियमानुसार यह गलत है । इस बात को न्यायालय ने संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन मानते हुए इस बहाली को ही रद्द कर दिया।
अब नए सिरे से होगी बहाली
जनहित याचिका में बहस के बाद मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने 10 जनवरी, 2023 को अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था। जिसे न्यायालय ने आज फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने बहाली के विज्ञापन को रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही यह भी कहा कि अब यह बहाली फिर से और नये सिरे से निकलेगी। फिलहाल 12 विश्वविद्यालयों में 4638 असिस्टेंट प्रोफेसरों की बहाली रद्द हो गई है। उच्च न्यायलय ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द पुन: बहाली प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है।