ग्रामीण बंदरों के आतंक से बेहद परेशान
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वैशाली जिले के पातेपुर प्रखंड क्षेत्र के राघोपुर नरसंडा पंचायत के बाजितपुर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने बंदरों के आतंक से त्रस्त होकर वैशाली डीएम को आवेदन दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि बंदरों के कारण वे अपनी फसल, साग-सब्जी और घरेलू सामान सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं। बंदर न केवल भोजन और कपड़े जैसी आवश्यक वस्तुएं बर्बाद कर रहे हैं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे गांव के लोग भयभीत हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित करने के बावजूद केवल आंशिक कार्रवाई की गई। दो महीने पहले विभाग ने दो बंदरों को पकड़ा, लेकिन उसके बाद कोई कदम नहीं उठाया गया। एक सप्ताह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधिकारी अब तक वापस नहीं आए। इस लापरवाही से गुस्साए ग्रामीणों ने 30 सितंबर को सड़क पर उतरने और एसएच-49 मार्ग को बाधित करने की घोषणा की है।
इस मौके पर राकेश कुमार, मंत्रमाथ, मौजे साह, घनेश मिश्र, नरेश झा, अमरजीत मिश्र, लक्की कुमार और श्याम शंकर झा सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने वन विभाग की लापरवाही को लेकर डीएम से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की है, ताकि उन्हें बंदरों के आतंक से राहत मिल सके।