अस्पताल के बाहर खड़े मृतका के परिजन
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बिहार के सीतामढ़ी में निजी अस्पताल की लापरवाही से फिर एक प्रसूता की मौत होने का मामला सामने आया है। घटना जिले के रीगा स्टेशन रोड स्थित मां जानकी पॉली क्लिनिक की है। जहां पीएचसी से डॉक्टर के अभाव में पहुंची प्रसूता की मौत हो गई। घटना के बाद निजी क्लीनिक में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। मृतका की पहचान शिवहर जिले के कमरौली गांव के दीपक पासवान की पत्नी निशा देवी के रूप में की गई है। वह अपने मायके रीगा द्वितीय पंचायत अंतर्गत पिपरा गांव में रह रही थी।
जानकारी के अनुसार, निशा की बीती रात करीब 11 बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसके बाद उसे इलाज के लिए स्थानीय पीएचसी ले जाया गया। जहां उसकी स्थिति गंभीर थी। पीएचसी में उपस्थित नर्स द्वारा उसके परिजनों को सलाह दी गई कि अभी डॉक्टर नहीं हैं। आप मरीज को किसी निजी अस्पताल या सदर अस्पताल लेकर जाएं। इसके बाद निशा के परिजनों ने उसे पास के ही निजी क्लीनिक में डॉ. एन कुमार के यहां भर्ती कराया। आरोप है कि जहां मंगलवार सुबह को गर्भवती महिला को इंजेक्शन देने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि निशा की मौत गलत इंजेक्शन देने की वजह से हुई है। वहीं, परिजनों द्वारा डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया गया।
परिजनों ने बताया कि सोमवार की देर रात निशा को पेट में दर्द होने के बाद अस्पताल ले जाया गया था। अब निशा की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। फिलहाल डॉक्टर मौके का फायदा उठाकर क्लीनिक छोड़कर फरार हो गया है। क्लीनिक के अन्य कर्मी भी हॉस्पिटल छोड़कर फरार हैं। यह भी जानकारी मिली है कि इस डॉक्टर पर पूर्व में भी गलत इलाज करने का आरोप लगाया जा चुका है।
इधर, सिविल सर्जन ने बताया कि उन्होंने चार दिन पूर्व ही अस्पताल में नियुक्ति ली है। पूरे मामले की जानकारी तो मिली है, लेकिन पीड़ित परिवार द्वारा लिखित शिकायत के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।