मुजफ्फरपुर में महिला दारोगा को घूस मांगना महंगा पड़ गया। घटना का ऑडियो वायरल होने पर एसएसपी ने संज्ञान लेकर आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया। आरोप है कि महिला दारोगा सरैया थाने में दर्ज नाबालिग युवती अपहरण मामले से नाम हटाने को लेकर पीड़ित से ₹20 हजार रुपये की घूस मांग रही थी। इस घटना का ऑडियो वायरल हुआ था। प्रथम दृष्ट्या ऑडियो की पुलिस जांच में पुष्टि की गई है। एसएसपी ने महिला दारोगा को निंबलित कर लाइन हाजिर कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाने की सब इंस्पेक्टर संवेदना स्नेही का रविवार को एक नाबालिग युवती अपहरण मामले में आरोपी का नाम काटने के लिए रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल हुआ है। उसके बाद प्रथम दृष्ट्या जांच में ऑडियो की पुष्टि होने पर एसएसपी राकेश कुमार ने उन्हें निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं, सरैया SDPO कुमार चंदन को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है।
जानकारी के अनुसार, वायरल ऑडियो में महिला दारोगा नाबालिग युवती अपहरण केस 115/24 में आरोपी का नाम हटाने और गिरफ्तार न करने की बात कहते हुए 20 हजार रुपये मांग रही हैं। साथ ही स्पष्ट बोल रही हैं कि 20 हजार रुपये दो और काम करा लो। वहीं, आरोपी दस हजार रुपये देने की बात कह, पैर पकड़ने की बात कर किसी तरह दस हजार में नाम हटाने की विनती कर गुहार लगा रहा है। लेकिन दारोगा संवेदना स्नेही 20 हजार से कम में मानने को तैयार नहीं। अब ऑडियो जब वायरल हो गया तो SSP राकेश कुमार ने महिला दरोगा स्नेह लता को निलंबित कर लाइन हाजिर कर दिया है।
गौरतलब है कि सरैया थाना क्षेत्र के एक गांव से 12 जनवरी को एक नाबालिग लड़की गायब हो गई थी। लड़की के पिता ने अपहरण का मामला दर्ज कराया था। इसमें की जैतपुर के खैरा निवासी मनीष कुमार उसके चाचा, मां और बहन को नामजद किया था। उसी मामले को लेकर आरोपी और महिला एसआई के बीच हुई बातचीत का ऑडियो वायरल हो रहा है। उसमें एसआई आरोपी से कह रही हैं कि थाने आओ और अपने काम को कराओ। 20 हजार से कम में तुम्हारा काम नहीं होगा। आरोपी 10 हजार देने की बात कहता है, न मानने पर आरोपी गरीबी का हवाला देते हुए 11 हजार देने की बात कहता है। लेकिन एसआई 20 हजार से कम में काम न होने की बात कह कर फोन काट देती हैं।