एलएस कॉलेज आज अपना 125वां स्थापना दिवस मना रहा है
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, कार्यक्रम से एक दिन पहले बारिश के बाद भी छात्र और शिक्षक-प्राचार्य भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे रहे। एलएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि कॉलेज पहले बीबी कॉलेजियट स्कूल में चलता था। उसके बाद वहां से हटकर आठ कमरों के कच्चे मकान में शुरू हुआ था। उस मकान में अभी कॉलेज का कार्यालय चलता है। वर्तमान में कॉलेज में अभी दो सौ कमरे हैं। इस कॉलेज के पहले प्राचार्य निशिकांत चटर्जी थे। वह वर्ष 1899 से 1900 तक प्राचार्य रहे।
एलएस कॉलेज आज अपना 125वां स्थापना दिवस मना रहा है
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उन्होंने बताया कि कॉलेज शुरुआत के समय में ही कोलकाता विवि के तहत आता था। उसके बाद यह पटना विवि में चला गया और अब यह वर्ष 1952 से बिहार विवि का अंग है।
एलएस कॉलेज आज अपना 125वां स्थापना दिवस मना रहा है
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प्राचार्य ने बताया कि एलएस कॉलेज के पूर्ववर्ती छात्रों में पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह, बिहार के पूर्व डीजीपी डीपी ओझा, तमिलनाडु के पूर्व मुख्य सचिव मोहन प्यारे और विधान परिषद सदस्य रामचंद्र पूर्वे शामिल हैं। यही नहीं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र एलएस कॉलेज में शिक्षक रहे थे। यहां तक कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महान कवि रामधारी सिंह दिनकर और स्वतंत्रता सेनानी जेबी कृपलानी भी बतौर शिक्षक रहकर अपना योगदान दे चुके हैं।