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Bettiah News: त्रिवेणी कैनाल में मछली पकड़ने गई किशोरी पर मगरमच्छ का हमला, गंभीर स्थिति में इलाज जारी

Thu, 03 Oct 2024 09:27 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया

सार

त्रिवेणी कैनाल में मछली पकड़ने गई एक किशोरी पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। किशोरी को गंभीर स्थिति में रेफर किया गया है। वहीं, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
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घायल किशोरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेतिया में मछली पकड़ने गई एक किशोरी पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। वहीं, मगरमच्छ ने किशोरी को बुरी तरह घायल कर दिया है। घटना के बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए पीएचसी हरनाटांड ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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मामला बगहा पुलिस जिले के हरनाटांड की है। जहां गुरुवार शाम त्रिवेणी कैनाल में मछली पकड़ने गई एक किशोरी पर मगरमच्छ ने अचानक हमला कर दिया। घायल युवती की पहचान सोहरिया निवासी हीरालाल मुसहर की पुत्री सुगंधा कुमारी (14) के रूप में की गई है। हमले में युवती गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत स्थानीय PHC हरनाटांड में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण उसे रेफर कर दिया गया। 

मिली जानकारी के अनुसार, सुगंधा गुरुवार की शाम त्रिवेणी कैनाल में मछली पकड़ने गई थी। इसी दौरान अचानक एक विशाल मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। मगरमच्छ सुगंधा को खींचकर नहर में ले जा रहा था। सुगंधा जोर-जोर से चिल्लाने लगी। चिखने चिल्लाने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर हमला किया। ग्रामीणों के शोर मचाने और हमला करने पर मगरमच्छ उसे छोड़कर नहर में वापस चला गया, लेकिन तब तक सुगंधा को बुरी तरह से घायल कर चुका था। डॉक्टरों के अनुसार, सुगंधा के दाहिने हाथ को मगरमच्छ ने बुरी तरह से डैमेज कर दिया। अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर राजीव कुमार ने बताया कि दाहिने हाथ की काफी डैमेज है और इसे बचाने के लिए तत्काल उपचार के बाद उसे बेतिया GMCH रेफर किया गया है। 
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दरअसल, गंडक नदी में भयानक पानी आया था, जिसके चलते गंडक नदी से मगरमच्छ नहरों में आ गए हैं। हरनाटांड क्षेत्र में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे इलाके के लोग दहशत में हैं। प्रशासन नें ग्रामीणों से अपील की है कि नहरों और गंडक नदी के किनारों पर नहीं जा जाएं तो पूरी सतर्कता बरते। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। घायल किशोरी के पिता हीरालाल मुसहर ने बताया कि गरीबी का आलम होने के कारण जीवकोपार्जन के लिए मछली मारना यह तरह-तरह के हथकंडे अपनाना पड़ता है और आज पेट के पालन-पोषण के लिए गई बेटी घटना की शिकार हो गई। भगवान का बहुत बड़ा शुक्र है, जो किसी बड़ी अनहोनी से बच गई।

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