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Bihar: सर्जरी नहीं होने की बात पर भड़के मंत्री दिलीप, बोले- ‘शर्म की बात है’...आर्थो विशेषज्ञ को भिजवाया नोटिस

Thu, 11 Jul 2024 06:10 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा

सार

Bihar: मंत्री दिलीप जायसवाल ने सिविल सर्जन को आर्थो विशेषज्ञ से शोकौज पूछने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने अगली बार स्वास्थ्य विभाग के दवा भंडार की भी निरीक्षण करने की बात कही है।
 
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मंत्री दिलीप जायसवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विकास भवन सभागार में गुरुवार को आयोजित जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की बैठक के दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री सह जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल ने लगभग पांच घंटे तक 20 विभागों की समीक्षा की।

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वहीं शेष बचे विभाग का 15 दिन के बाद करने की बात कही। बैठक के बाद उन्होंने बताया कि जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा और पीएचईडी विभाग की स्थिति काफी लचर है। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा सहरसा में ही दवाई एक्सपायर्ड होता है। वहीं सदर अस्पताल में पदस्थापित विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक खासकर आर्थो विशेषज्ञ किसी तरह की सर्जरी नहीं करने की बात सामने आई है।

उन्होंने कहा कि यह बहुत ही शर्म की बात है। मंत्री ने सिविल सर्जन को आर्थो विशेषज्ञ से शोकौज पूछने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने अगली बार स्वास्थ्य विभाग के दवा भंडार की भी निरीक्षण करने की बात कही है। मंत्री ने कहा कि बैठक में शिक्षा विभाग के डीईओ ने जो रिपोर्ट समर्पित की वह काफी चिंताजनक है। जिसके कारण उनके समीक्षा के दौरान आधे में ही उन्हें अगली बैठक में अपने विभाग के कार्यपालक अभियंता के साथ आने का निर्देश देते उन्हें बाहर भेज दिया गया।
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इसके अलावा पीएचईडी विभाग के समीक्षा में विभागीय अधिकारियों ने शहरी क्षेत्र में शत प्रतिशत जलापूर्ति की बात कही। वहीं मौजूद नगर निगम की महापौर बैन प्रिया ने प्रतिरोध किया जो ये दावा गलत है तो विभागीय अधिकारियों को एक माह के अंदर शहरी क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आपूर्ति का निर्देश दिया गया है। एक माह में नहीं होने पर कार्रवाई की जायेगी। 

जल्द होगा सर्वे का कार्य होगा पूर्ण 
मंत्री ने कहा कि जल्द ही सूबे में सर्वे का कार्य पूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 16 जिले में सर्वे का कार्य चल रहा है। जिसके पूर्ण होने के बाद लोग एक क्लिक में अपनी जमीन की सारी जानकारी देख सकेंगे। इससे 90 प्रतिशत जमीन विवाद में कमी आयेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में थाना में 60 प्रतिशत जमीन विवाद से जुड़ा ही विवाद है तो 25 प्रतिशत सिविल सूट चल रहा है। उन्होंने कहा कि 1890 ईo में पहली बार जमीन का सर्वे हुआ। जिसके सौ साल बाद पुनः 1990 ईo में शुरू हुआ। तीस साल में यह पूरा नहीं हुआ। उन्हें गर्व है कि उनके मंत्रित्व काल में यह पूर्ण होगा।

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