जदयू का जिला महासचिव अखिलेश कुशवाहा उर्फ पप्पू कुशवाहा।
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विगत एक वर्ष से मिनी गन फैक्ट्री में निर्माण कार्य होता था संचालित
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध रूप से हथियार बनाने का कारखाना चोरी-छुपे विगत एक वर्ष से संचालित हो रहा था। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह काम पिछले दो महीने से चल रहा था। लेकिन स्थानीय लोगों की माने तो यह अवैध कारोबार महीनों से नही बल्कि कई वर्षो से चल रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि पप्पू कुशवाहा ने करीब सात से आठ साल पहले रुप राहीमपुर में इस प्लांट को लगाया था। पहले उसका पेवर ब्लॉक का काम अच्छा चलता था लेकिन कुछ साल से पेवर ब्लॉक का काम मंदा हो गया था। इसके बाद भी वहां यदा कदा भीड़ लगी रहती थी। ग्रामीणों का यह भी कहन है कि इस अवैध हथियार कारखाना के कारण आस-पास के किशोर और नौजवानों में हथियार रखने, हथियार की नुमाइश करने और अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की संख्या काफी बढ़ गई है।
जदयू नेता का मिनी गन फैक्ट्री।
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थाना से तीन किलो मीटर की दूरी पर मिनी गन फैक्ट्री लेकिन पुलिस को भनक नही
जदयू के जिला महासचिव अखिलेश उर्फ पप्पू कुशवाहा की पहचान क्षेत्र में मकान की ढ़लाई ठेकेदार के रुप में रही है। क्योंकि उसके पिता राजेन्द्र प्रसाद कुशवाहा भी ढ़लाई ठेकेदार के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। हालांकि पिता की मौत के बाद अखिलेश ने पिता वाला काम कराना शुरु किया था। वह सड़क निर्माण या घरों के निर्माण में ठेकेदारी का कम करता था। आसपास के पंचायतों में पीसीसी सड़क की ढ़लाई का काम प्रायः पप्पू के द्वारा ही कराए गए हैं। दबी जुबान में ग्रामीण बताते हैं कि वह रुप राहीमपुर से करोड़ों का हथियार सप्लाई किया है। पुलिस ने भी जिस तरह अर्धनिर्मित समान को बरामद किया है, उससे यह साफ तौर पर इसकी संभावना भी मजबूत दिख रही है। लोग इस बात पर भी शंका जाहिर कर रहे हैं कि थाना से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री संचालित हो रहा था तो फिर स्थानीय पुलिस को इसकी भनक क्यों नहीं लगी ? हालांकि पुलिस ने अब कारखाने का उद्भेदन कर लिया है।