जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने रविवार को दो टूक कहा, अगर भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होता है तो पार्टी उत्तर प्रदेश और मणिपुर में अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी। भाजपा के साथ गठबंधन पहली प्राथमिकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो जदयू किसी अन्य दल का साथ नहीं लेगा।
कांग्रेस बोली हर क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय पार्टी बनने की इच्छा रखती है
जदयू अध्यक्ष के बयान पर कांग्रेस नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, हर क्षेत्रीय दल राष्ट्रीय पार्टी बनने की इच्छा रखती है। जदयू भी ऐसा कर रही है। इसमें कुछ गलत नहीं है।
हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को पटना में बड़ा बयान देकर सियासी खलबली मचा दी। उन्होंने कहा कि अगर विधानसभा चुनावों में जदयू को एनडीए में का साथी नहीं बनाया जाता तो अकले ही चुनाव लड़ेंगे।
पटना में पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में ललन सिंह ने कहा कि हमारा लक्ष्य जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाना है। उन्होंने कहा कि मैंने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर मणिपुर और उत्तर प्रदेश में पार्टी नेताओं के साथ चर्चा की है। हम राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के भागीदारों के साथ भी बात करेंगे। अगर हमें इन राज्यों में भागीदार नहीं बनाया जाता, तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे और जीतेंगे।
राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने अरुणाचल प्रदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में वहां हमने 15 सीटों पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें सात पर जीत हासिल की थी। अरुणाचल की तरह ही हम दूसरे राज्यों में भी अपनी पार्टी के उम्मीदवार खड़ा करेंगे।
ललन सिंह ने कहा कि 15 साल में नीतीश कुमार के किए गए कार्यों की वजह से पार्टी के कार्यकर्ता उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम का संदेश हर घर तक पहुंचाने के साथ जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनाना ही अब मेरा लक्ष्य है। बता दें कि जदयू की कमान मिलने के बाद शुक्रवार को ललन सिंह पहली बार बिहार की राजधानी पटना पहुंचे थे।