वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी की (फाइल फोटो)
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पूर्व मंत्री मुकेश सहनी पर भी अपमानजनक टिप्पणी
थाना प्रभारी ने सिर्फ प्रखंड अध्यक्ष को ही नहीं, बल्कि पूर्व मंत्री मुकेश सहनी के खिलाफ भी अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि मुकेश सहनी अब मंत्री नहीं हैं, तो तुम उछल क्यों रहे हो? यहां मुख्यमंत्री के रिश्तेदार बैठे हैं, तुम मेरा कुछ नहीं कर सकते। इस बयान ने पुलिस प्रशासन और राजनीतिक नेताओं के बीच तनाव को बढ़ा दिया है।
गुस्से में आग-बबूला हुए थाना प्रभारी
वीआईपी नेता अनिल कुमार जब बाइक चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रहे थे, तो थाना प्रभारी इंद्रजीत ने इस पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि तुम कौन होते हो जो मुझे जांच का तरीका बता रहे हो? इसके बाद उन्होंने जमकर गालियां दीं और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने वीआईपी नेता को थाने से बाहर निकलने की धमकी भी दी।
एसएसपी ने दिए वायरल ऑडियो की जांच के आदेश
इस घटना का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे पुलिस प्रशासन की किरकिरी होने लगी। वायरल ऑडियो क्लिप के बाद गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आशीष भारती ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। एसएसपी ने कहा कि थाना प्रभारी की भाषा और व्यवहार की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक माहौल गरमाया
इस घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। वीआईपी पार्टी के नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना प्रभारी सत्ता के प्रभाव में आकर अपने कर्तव्यों का उल्लंघन कर रहे हैं और वीआईपी पार्टी के नेताओं के प्रति दुर्भावना रख रहे हैं।
गया पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। थाना प्रभारी इंद्रजीत पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए वीआईपी पार्टी के नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें गालियां देकर अपमानित किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।